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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास और भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर के सहयोग से एक नए AI मॉडल ने चिकित्सा इमेजिंग की दुनिया में क्रांति ला दी है।
मॉडल के निर्माता, Senapathy Gopalakrishnan, ने बताया कि यह मॉडल पारंपरिक मॉडलों की तुलना में 90% कम कंप्यूटिंग पावर का उपयोग करता है, जो इसे अधिक प्रभावी एवं किफायती बनाता है। ''चिकित्सा इमेजिंग में इस नई तकनीक से रोगियों को अधिक सटीक और तेजी से निदान प्राप्त होगा।''
AI आधारित चिकित्सा नवाचारों के क्षेत्र में इस प्रगति की पृष्ठभूमि में, मानव मस्तिष्क और सिलिकॉन कंप्यूटिंग के सम्मिलन पर हुए महत्वपूर्ण अनुसंधान से प्राप्त अंतर्दृष्टियाँ विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। साथ ही, भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में AI युग के आगमन से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण लेखक की पूर्व समीक्षा में भी सामने आ चुका है, जिससे आज की इस उपलब्धि का व्यापक संदर्भ स्थापित होता है।