NSE Indices ने REITs और InvITs ट्रैकिंग के लिए नया सूचकांक शुरू किया

NSE Indices ने REITs और InvITs ट्रैकिंग के लिए नया सूचकांक शुरू किया
NSE का नया सूचकांक

भारत में सूचीबद्ध रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स के लिए बेंचमार्किंग ढांचे का विस्तार करते हुए NSE Indices Limited ने Nifty REITs & InvITs 90:10 सूचकांक शुरू किया है। यह सूचकांक सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध REITs और InvITs के प्रदर्शन को ट्रैक करने के लिए बनाया गया है और सक्रिय फंड चलाने वाले एसेट मैनेजरों के लिए संदर्भ बिंदु बनने की अपेक्षा है।

हाइलाइट्स

  • NSE Indices Limited ने 1 अप्रैल 2021 को आधार तिथि और 1000 आधार मान के साथ REITs और InvITs ट्रैकिंग के लिए नया थीमैटिक सूचकांक लॉन्च किया।
  • सूचकांक में प्रत्येक प्रतिभूति का अधिकतम भार 33% और शीर्ष तीन घटकों का कुल भार 62% तय है, तथा सभी REITs का संयुक्त न्यूनतम भार 90% रखा गया।
  • सूचकांक का पुनर्गठन और पुनर्संतुलन मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर तिमाही में होगा, जिससे एसेट मैनेजरों को सक्रिय फंडों का नया बेंचमार्क मिलेगा।

सूचकांक की संरचना और पुनर्संतुलन

जैसा कि NSE India के अनुसार, NSE Indices Limited के अनुसार, नया थीमैटिक सूचकांक सूचीबद्ध REITs और InvITs के प्रदर्शन को ट्रैक करता है और इसमें प्रत्येक प्रतिभूति का भार उसके फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर तय किया जाता है, जिस पर 33% की सीमा लागू है.

सूचकांक में सभी REITs का संयुक्त भार न्यूनतम 90% रखा गया है, जबकि शीर्ष तीन घटकों का कुल भार 62% तक सीमित है। सूचकांक की आधार तिथि 1 अप्रैल 2021 है और इसका आधार मान 1000 रखा गया है। इसका पुनर्गठन और पुनर्संतुलन हर तिमाही, मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में किया जाएगा।

एसेट मैनेजरों और बाजार के लिए महत्व

यह नया सूचकांक एसेट मैनेजरों के लिए सक्रिय फंडों का बेंचमार्क बनने की अपेक्षा रखता है, जिससे सूचीबद्ध आय-उत्पादक रियल एस्टेट और अवसंरचना परिसंपत्तियों के प्रदर्शन को अधिक व्यवस्थित तरीके से मापा जा सके।

इस पहल से भारतीय पूंजी बाजार में REITs और InvITs खंड की दृश्यता बढ़ने की संभावना है, खासकर उन निवेशकों और फंड प्रबंधकों के बीच जो आय-केंद्रित और वैकल्पिक सूचीबद्ध परिसंपत्तियों के लिए तुलनात्मक प्रदर्शन मानक तलाशते हैं।

हमारी पिछली रिपोर्ट में Nifty REITs & Realty सूचकांक की पद्धति में बदलाव पर चर्चा की गई थी, जिसमें एक ही sponsor, promoter group या corporate group से जुड़े घटकों के संयुक्त भार पर 32% की सीमा 24 जुलाई 2026 से लागू करने की बात थी। हमने बताया था कि इस वेट-कैपिंग का उद्देश्य सूचकांक में एकाग्रता जोखिम घटाना है और इसे ट्रैक करने वाले निवेशकों व फंडों को अपने पोर्टफोलियो आवंटन में समायोजन करना पड़ सकता है।

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