RBI की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 22 जून को 80,203 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी

RBI की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 22 जून को 80,203 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी
RBI ने निकाली तरलता

भारत के अल्पकालिक धन बाजार में 22 जून 2026 को ओवरनाइट खंड का कुल कारोबार 6,82,283.09 करोड़ रुपये दर्ज होता है, जिसमें भारित औसत दर 5.29 प्रतिशत रहती है। इसी दिन RBI के तरलता समायोजन परिचालनों में स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी के बड़े अवशोषण के कारण दिन के परिचालनों से शुद्ध 80,203 करोड़ रुपये की तरलता निकाली जाती है।

हाइलाइट्स

  • 22 जून को RBI ने मनी मार्केट ऑपरेशंस के जरिये 80,203 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता अवशोषित की।
  • ओवरनाइट सेगमेंट में कुल वॉल्यूम 6,82,283.09 करोड़ रुपये रहा, जिसमें कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो शामिल हैं।
  • आज के और बकाया परिचालनों के आधार पर कुल शुद्ध तरलता इंजेक्शन 19,971.89 करोड़ रुपये रहा, जबकि सिस्टम में मूलभूत तरलता 4,86,400 करोड़ रुपये अधिशेष पर रही।

22 जून के बाजार और RBI परिचालन

Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/517 के अनुसार, कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो सहित ओवरनाइट सेगमेंट का कुल वॉल्यूम 6,82,283.09 करोड़ रुपये रहता है। इसमें कॉल मनी का कारोबार 19,151.55 करोड़ रुपये, ट्राइपार्टी रेपो 4,85,409.25 करोड़ रुपये, मार्केट रेपो 1,71,044.34 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो 6,677.95 करोड़ रुपये दर्ज होता है।

भारित औसत दर कॉल मनी में 5.33 प्रतिशत, ट्राइपार्टी रेपो में 5.29 प्रतिशत, मार्केट रेपो में 5.26 प्रतिशत और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो में 5.38 प्रतिशत रहती है। टर्म सेगमेंट में नोटिस मनी 185.40 करोड़ रुपये और ट्राइपार्टी रेपो 399.25 करोड़ रुपये दर्ज होते हैं, जबकि टर्म मनी 243 करोड़ रुपये पर रेंज 5.25 प्रतिशत से 6.90 प्रतिशत रहती है।

RBI के एक दिन के वेरिएबल रेट रेपो ऑपरेशन में 36,300 करोड़ रुपये 5.26 प्रतिशत पर आवंटित होते हैं। वहीं MSF के तहत 2,236 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर और SDF के तहत 1,18,739 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर दर्ज होते हैं, जिससे दिन के परिचालनों से शुद्ध तरलता 80,203 करोड़ रुपये अवशोषित होती है।

बैंकिंग तरलता और आरक्षित स्थिति पर असर

बकाया परिचालनों में 16 जून 2026 की सात दिन की रेपो नीलामी से 23 जून 2026 को परिपक्व होने वाली 89,440 करोड़ रुपये की राशि शामिल रहती है। स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत RBI से 10,734.89 करोड़ रुपये का उपयोग भी दर्ज होता है, जिससे बकाया परिचालनों से शुद्ध 1,00,174.89 करोड़ रुपये की तरलता इंजेक्ट होती है।

आज के और बकाया परिचालनों को मिलाकर कुल शुद्ध तरलता इंजेक्शन 19,971.89 करोड़ रुपये रहता है। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की 22 जून 2026 की नकद शेष राशि RBI के पास 7,76,527.73 करोड़ रुपये दर्ज होती है, जबकि 30 जून 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 8,01,069 करोड़ रुपये रहती है।

भारत सरकार की अधिशेष नकद शेष राशि, जिसे नीलामी के लिए गिना जाता है, 22 जून 2026 तक 36,300 करोड़ रुपये दर्ज होती है। 31 मई 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 4,86,400 करोड़ रुपये पर रहने से यह संकेत मिलता है कि प्रणाली में मूलभूत तरलता समर्थन बना रहता है, भले ही दैनिक परिचालनों में RBI अल्पकालिक अवशोषण करता है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में USD/INR में हालिया कमजोरी और रुपये को सहारा देने के लिए नीतिगत कदमों पर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया था कि नीति निर्माता अनिवासी डॉलर जमा और विदेशी बांड प्रवाह को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जबकि डॉलर की नई मांग और Fed के फैसले की उम्मीद से रुपये पर दबाव बना हुआ है। साथ ही, तकनीकी संकेतों के आधार पर जोड़ी के लिए निकट अवधि में ₹93.78–₹94.73 की रेंज और प्रमुख सपोर्ट/रेजिस्टेंस स्तरों पर फोकस रखा गया था।

इस सामग्री में तृतीय-पक्ष की राय शामिल हो सकती है, इस वेबपेज पर कोई भी डेटा और जानकारी हमारे अस्वीकरण के अनुसार निवेश सलाह का गठन नहीं करती है। जबकि हम सख्त संपादकीय अखंडता का पालन करते हैं, इस पोस्ट में हमारे भागीदारों के उत्पादों के संदर्भ शामिल हो सकते हैं।