RBI ने 19,280.094 करोड़ रुपये के राज्य सरकारी प्रतिभूति आवंटन के नतीजे जारी किए

RBI ने 19,280.094 करोड़ रुपये के राज्य सरकारी प्रतिभूति आवंटन के नतीजे जारी किए
राज्य प्रतिभूति नीलामी नतीजे

28 जुलाई 2026 को हुए राज्य सरकारी प्रतिभूति नीलामी में आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना ने बाजार से उधारी जुटाई। कुल अधिसूचित राशि 18,100 करोड़ रुपये के मुकाबले कुल आवंटन 19,280.094 करोड़ रुपये रहा, क्योंकि महाराष्ट्र ने कुछ पुनर्निर्गमों में अतिरिक्त राशि स्वीकार की जबकि पंजाब ने एक कागज में आंशिक स्वीकृति दी।

हाइलाइट्स

  • RBI ने 28 जुलाई 2026 को हुई नीलामी में 18,100 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के विरुद्ध 19,280.094 करोड़ रुपये का कुल आवंटन किया।
  • विभिन्न राज्यों के बॉन्ड में कट-ऑफ यील्ड 6.9911% से 7.6892% के बीच रही, जिसमें महाराष्ट्र और पंजाब ने अधिसूचना से अधिक राशि स्वीकार की।
  • आवंटन में 2030 से 2055 तक की विविध परिपक्वता अवधि रही, जिससे राज्य सरकारों की लचीली उधारी रणनीति और सभी अवधि वाले बॉन्ड्स में निवेशक रुचि उजागर हुई।

नीलामी नतीजे और आवंटन का ब्योरा

जैसा कि भारतीय रिजर्व बैंक की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बताया गया है, 28 जुलाई 2026 को आयोजित इस नीलामी में कई राज्यों के पुनर्निर्गम और दीर्घावधि बॉन्ड शामिल रहे। कुल 18,100 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के विरुद्ध 19,280.094 crore रुपये का कुल आवंटन हुआ।

आंध्र प्रदेश ने 2039 और 2051 परिपक्वता वाली प्रतिभूतियों में क्रमशः 1,000 करोड़ रुपये और 1,600 करोड़ रुपये का आवंटन किया। गुजरात ने 2035 और 2038 प्रतिभूतियों में 1,000-1,000 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि राजस्थान ने 2044 और 2053 प्रतिभूतियों में क्रमशः 1,500 करोड़ रुपये और 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया। तमिलनाडु ने 2034 और 2041 प्रतिभूतियों में 1,000-1,000 करोड़ रुपये जुटाए और तेलंगाना ने 2055 प्रतिभूति में 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया।

महाराष्ट्र के 2031, 2039 और 2049 पुनर्निर्गमों में कुल आवंटन क्रमशः 1,250 करोड़ रुपये, 3,000 करोड़ रुपये और 2,000 करोड़ रुपये रहा। पंजाब के 2030 पुनर्निर्गम में कुल आवंटन 730.094 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2039 पुनर्निर्गम में 1,200 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ। विभिन्न कागजों में कट-ऑफ यील्ड लगभग 6.9911% से 7.6892% के बीच रही।

राज्यों की उधारी रणनीति और बाजार संकेत

इस नीलामी से संकेत मिलता है कि राज्य सरकारें अलग-अलग परिपक्वता अवधि वाले कर्ज साधनों के जरिए उधारी प्रोफाइल को संतुलित कर रही हैं। 2030 से 2055 तक की प्रतिभूतियों में मांग दर्ज होना बताता है कि निवेशकों की रुचि अल्प, मध्यम और लंबी अवधि, तीनों खंडों में बनी हुई है।

महाराष्ट्र ने 8 अप्रैल 2026 को जारी तीन पुनर्निर्गमों में अतिरिक्त 250 करोड़ रुपये, 600 करोड़ रुपये और 400 करोड़ रुपये स्वीकार किए, जिससे उसका कुल उधार मूल अधिसूचना से ऊपर गया। पंजाब ने 1 जुलाई 2026 को जारी 7.02% पंजाब SGS 2030 में 730.094 करोड़ रुपये की आंशिक स्वीकृति दी, जबकि 7.62% पंजाब SGS 2039 में 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकार की, जो राज्यवार उधारी लागत और मांग के आधार पर लचीले निर्गम प्रबंधन को दर्शाता है।

निफ्टी फिक्स्ड इनकम सूचकांकों में 31 जुलाई 2026 से लागू होने वाले पुनर्संतुलन पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था, जिसमें कई G-Sec सूचकांकों में सरकारी प्रतिभूतियों के शामिल/बहिष्कृत होने और PRC सूचकांक के तहत Ultra Short Duration Debt Index A-I में वेटेज बदलाव का उल्लेख था। उस लेख में यह भी समझाया गया था कि ऐसे इंडेक्स बदलाव ट्रैकिंग करने वाले निवेशकों के लिए अवधि प्रोफाइल, पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन और निष्क्रिय डेट उत्पादों की संरचना को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।

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