भारत का सांख्यिकी मंत्रालय आधिकारिक GoIStats ऐप के जरिए सरकारी आंकड़ों की पहुंच बढ़ाता है

भारत का सांख्यिकी मंत्रालय आधिकारिक GoIStats ऐप के जरिए सरकारी आंकड़ों की पहुंच बढ़ाता है
सरकारी आंकड़े मोबाइल पर

भारत का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आधिकारिक GoIStats ऐप के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक संकेतकों तक मोबाइल पहुंच उपलब्ध कराता है। यह मुफ्त ऐप उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक समाचार, प्रकाशन, इन्फोग्राफिक्स और आगामी डेटा जारी होने की समय-सारिणी एक ही स्थान पर देता है।

हाइलाइट्स

  • सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने GoIStats ऐप लॉन्च कर आधिकारिक सांख्यिकीय जानकारी मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुलभ और यूजर-फ्रेंडली बनाई।
  • GoIStats ऐप एडवांस रिलीज कैलेंडर के साथ-साथ NSO की ताजा खबरें, रिपोर्टें व घोषणाएं मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक तत्काल पहुंचा रहा है।
  • मुफ्त उपलब्ध GoIStats प्लेटफॉर्म व्यापक सरकारी आंकड़ों को मोबाइल पर भरोसेमंद तरीके से प्रदान कर शोध, नीति विश्लेषण व व्यावसायिक निर्णयों में उपयोग को बढ़ा सकता है।

मोबाइल मंच पर आधिकारिक आंकड़ों की उपलब्धता

According to Google Play, सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अनुसार, GoIStats भारत के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का आधिकारिक ऐप है, जिसे सांख्यिकीय जानकारी को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य चलते-फिरते उपयोगकर्ताओं को ऐसे तथ्य उपलब्ध कराना है जो नीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक रुझानों को समझने में मदद करते हैं।

ऐप का इंटरफेस सरल और स्मार्ट रखा गया है, जिससे चयनित सामाजिक-आर्थिक संकेतकों, समाचारों और प्रकाशनों का त्वरित अवलोकन किया जा सकता है। उपयोगकर्ताओं को चुनी हुई विजुअलाइजेशन और इन्फोग्राफिक्स भी उपलब्ध होते हैं, जिससे आधिकारिक आंकड़ों को समझना आसान बनता है।

डेटा जारी करने की समय-सारिणी और क्षेत्रीय महत्व

यह ऐप राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की आधिकारिक खबरों, रिपोर्टों और घोषणाओं के नवीनतम अपडेट भी प्रदान करता है। इसके साथ ही एडवांस रिलीज कैलेंडर के जरिए उपयोगकर्ता यह जान सकते हैं कि महत्वपूर्ण डेटा और रिपोर्ट कब जारी होने वाले हैं।

मुफ्त उपयोग वाला यह डिजिटल मंच भारत में आधिकारिक सांख्यिकीय जानकारी के प्रसार को व्यापक बना सकता है, खासकर उन उपयोगकर्ताओं के लिए जो मोबाइल उपकरणों पर तेज और विश्वसनीय सरकारी डेटा चाहते हैं। इससे शोध, नीति विश्लेषण, शिक्षा और व्यवसायिक निर्णयों में आधिकारिक आंकड़ों के उपयोग को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में आरबीआई की ताजा मौद्रिक नीति के संदर्भ में FY27 के लिए जीडीपी वृद्धि और सीपीआई महंगाई के अनुमान बढ़ने, रेपो दर 5.5% होने और नीति रुख सख्त होने के संकेतों पर चर्चा की गई थी। इसमें खाद्य व ईंधन कीमतों, कमजोर मानसून और ऊंची जिंस लागत जैसे कारकों से महंगाई-जोखिम तथा आने वाली तिमाहियों में वृद्धि पर पड़ने वाले संभावित दबाव को रेखांकित किया गया था।

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