Mercedes-Benz भारत में बहु-पावरट्रेन रणनीति बनाए रखता है, 2039 तक ऑल-इलेक्ट्रिक लक्ष्य बरकरार
लग्जरी वाहन बाजार में बिजलीकरण की दिशा तेज हो रही है, लेकिन भारत सहित अलग-अलग बाजारों में अपनाने की गति अभी भी असमान दिखती है। Mercedes-Benz का कहना है कि वह 2039 तक ऑल-इलेक्ट्रिक महत्वाकांक्षा पर कायम है, जबकि निकट अवधि में भारत जैसे बाजारों के लिए प्लग-इन हाइब्रिड समेत कई पावरट्रेन विकल्प खुले रख रहा है।
हाइलाइट्स
- Mercedes-Benz भारत में पेट्रोल, डीजल, प्लग-इन हाइब्रिड और बैटरी इलेक्ट्रिक विकल्पों के साथ बहु-पावरट्रेन रणनीति बनाए रखता है, 2039 तक ऑल-इलेक्ट्रिक लक्ष्य बरकरार है।
- भारत के टॉप-एंड सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है और वहां इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री वैश्विक औसत 10 प्रतिशत की तुलना में 20 प्रतिशत है।
- Mercedes-Benz की फोकस 'प्रॉफिटेबल ग्रोथ' पर है, भारतीय खरीदारों की औसत उम्र 30 के दशक के अंत में है और कंपनी ग्राहकों की पसंद अनुसार पावरट्रेन पेश करती है।
भारत के लिए लचीली पावरट्रेन योजना
Forbes India को दिए गए एक साक्षात्कार में Mercedes-Benz के ग्लोबल बोर्ड सदस्य Mathias Geisen ने कहा कि कंपनी भारत में ग्राहकों को पेट्रोल, डीजल, प्लग-इन हाइब्रिड और बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच विकल्प देना जारी रखती है, क्योंकि अलग-अलग बाजारों में मांग और बुनियादी ढांचे की स्थिति अलग है। उनके अनुसार, कंपनी मानती है कि 2030 के दशक में भी कुछ बाजारों में आंतरिक दहन इंजन की भूमिका बनी रहती है।
Geisen, जो बिक्री और ग्राहक अनुभव देखते हैं, कहते हैं कि भारत Mercedes-Benz के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, खासकर टॉप-एंड सेगमेंट में। उनके मुताबिक, वैश्विक स्तर पर कंपनी की टॉप-एंड हिस्सेदारी 2019 के 11 प्रतिशत से बढ़कर पिछले वर्ष 15 प्रतिशत हो गई, जबकि भारत में यह 25 प्रतिशत है, जो प्रीमियम उत्पादों के लिए मजबूत मांग को दिखाती है।
उन्होंने कहा कि लग्जरी सेगमेंट में वैश्विक स्तर पर औसतन करीब 10 प्रतिशत बिक्री इलेक्ट्रिक है, जबकि भारत के टॉप-एंड सेगमेंट में यह 20 प्रतिशत है। कंपनी का आकलन है कि बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों में ऊंचे सेगमेंट के खरीदारों की रुचि मजबूत है, लेकिन भारत में प्लग-इन हाइब्रिड एक व्यावहारिक विकल्प बन सकते हैं, खासकर वहां जहां चार्जिंग ढांचा अभी पूरी तरह विकसित नहीं है।
युवा खरीदार और मुनाफे पर केंद्रित वृद्धि
Geisen के अनुसार, भारत में Mercedes-Benz के ग्राहक वैश्विक औसत की तुलना में काफी युवा हैं, जहां खरीदारों की औसत उम्र 30 के दशक के अंत में है। उनका कहना है कि यह ग्राहक वर्ग तकनीक के साथ बड़ा हुआ है, अधिक फीचर, कारीगरी और प्रीमियम अनुभव को महत्व देता है, इसलिए कंपनी भारतीय बाजार के लिए उत्पाद विनिर्देशों पर अलग से ध्यान देती है।यूरोप में नए मॉडलों के बाद पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेज हुई है। Geisen ने कहा कि वहां अब ऑर्डर इंटेक का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तरह इलेक्ट्रिक मॉडलों का है, जो उनके अनुसार सही डिजाइन, तकनीक और रोजमर्रा की उपयोगिता वाले उत्पादों के लिए मजबूत बाजार खिंचाव को दिखाता है।
फिर भी, उन्होंने माना कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव की समयरेखा का अनुमान लगाना कठिन है। इसी वजह से Mercedes-Benz अपनी रणनीतिक लचीलापन बनाए रख रहा है और ग्राहकों की पसंद के अनुसार एक ही डिजाइन भाषा में अलग-अलग पावरट्रेन पेश कर रहा है।
कंपनी अपनी 'प्रॉफिटेबल ग्रोथ' रणनीति पर भी कायम है। Geisen ने कहा कि Mercedes-Benz का जोर केवल वॉल्यूम बढ़ाने पर नहीं, बल्कि टिकाऊ और लाभकारी वृद्धि पर है, ताकि अवशिष्ट मूल्य और ब्रांड की प्रीमियम स्थिति सुरक्षित रहे।
भारत के औद्योगिक उत्पादन (IIP) में मई 2026 के दौरान 5.1% की वृद्धि पर हम पहले लिख चुके हैं, जहां बिजली उत्पादन और विनिर्माण जैसे खंडों ने तेजी को सहारा दिया था। उस रिपोर्ट में नई IIP श्रृंखला और Producer Price Index आधारित पद्धति बदलाव, साथ ही पूंजीगत वस्तुओं में मजबूत बढ़त के जरिए निवेश गतिविधि और घरेलू मांग की निरंतरता के संकेत भी रेखांकित किए गए थे।
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