NSE 12 अगस्त 2026 से Nifty India FPI 150 Index डेरिवेटिव्स शुरू करने की तैयारी में
भारत के इक्विटी डेरिवेटिव्स बाजार में विदेशी निवेशकों के लिए एक नए बेंचमार्क-आधारित उत्पाद की शुरुआत होने जा रही है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया को Nifty India FPI 150 Index पर डेरिवेटिव्स लॉन्च करने के लिए मंजूरी मिल गई है, जिससे हेजिंग और पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए एक नया साधन उपलब्ध होगा।
हाइलाइट्स
- NSE 12 अगस्त 2026 से Nifty India FPI 150 Index पर डेरिवेटिव्स अनुबंध लॉन्च करेगा, SEBI की मंजूरी प्राप्त कर चुका है।
- Nifty India FPI 150 Index, Nifty 500 के शीर्ष 150 शेयरों का छह महीने के औसत foreign investible free-float market capitalization के आधार पर चयन करता है।
- जून 2026 तक इंडेक्स में वित्तीय सेवाओं का भार 26.15%, Oil, Gas & Consumable Fuels का 10.03% और Healthcare का 7.51% है।
लॉन्च ढांचा और अनुबंध संरचना
जैसा कि National Stock Exchange of India के अनुसार बताया गया है, एक्सचेंज 12 अगस्त 2026 से इक्विटी डेरिवेटिव्स खंड में Nifty India FPI 150 Index पर डेरिवेटिव्स अनुबंध शुरू करने का लक्ष्य रखता है, और इसके लिए उसे Securities and Exchange Board of India, SEBI, की मंजूरी मिल चुकी है। यह पहल ऐसे सूचकांक पर आधारित है जिसे विदेशी निवेशकों की पहुंच और निवेश-योग्यता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।एक्सचेंज तीन क्रमिक मासिक इंडेक्स फ्यूचर्स और इंडेक्स ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट चक्र पेश करेगा। नकद निपटान वाले ये डेरिवेटिव्स अनुबंध एक्सपायरी महीने के अंतिम मंगलवार को समाप्त होंगे।
सूचकांक संरचना और बाजार पर असर
Nifty India FPI 150 Index, Nifty 500 में से चुने गए शीर्ष 150 शेयरों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है। इन शेयरों का चयन छह महीने के औसत foreign investible free-float market capitalization के आधार पर होता है, ताकि सूचकांक में अधिक तरलता वाले और उच्च free-float वाले शेयर शामिल रहें।जून 2026 तक इस सूचकांक में सबसे अधिक भार वित्तीय सेवाओं क्षेत्र का 26.15% है, इसके बाद Oil, Gas & Consumable Fuels का 10.03% और Healthcare का 7.51% हिस्सा है। सूचकांक 16 अगस्त 2025 को पेश किया गया था, जबकि इसकी आधार तिथि 03 अक्टूबर 2022 और आधार मान 1000 रखा गया था। इसकी पद्धति foreign investible free-float पर आधारित है और इसका पुनर्संतुलन तिमाही आधार पर होता है.
NSE के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि Nifty India FPI 150 Index पर डेरिवेटिव्स की शुरुआत मौजूदा इंडेक्स डेरिवेटिव्स उत्पाद श्रृंखला को और मजबूत करेगी। उनके अनुसार, यह सूचकांक भारतीय इक्विटी बाजार के 150 तरल शेयरों वाला व्यापक और विविधीकृत खंड प्रस्तुत करता है, जो तरलता और निवेश-योग्यता पर ध्यान बनाए रखते हुए हेजिंग और पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए उपयुक्त आधार बनाता है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में NSE और Augmont की साझेदारी के तहत Electronic Gold Receipts (EGR) ढांचे के विस्तार पर चर्चा की गई थी, जिसका लक्ष्य एक्सचेंज-नियंत्रित स्पॉट गोल्ड बाजार में तरलता और पारदर्शी मूल्य-खोज को बढ़ाना है। इसमें बताया गया था कि EGR के जरिए भौतिक सोने को डीमैट, ट्रेडेबल रूप में लाकर घरेलू सोने को औपचारिक आपूर्ति शृंखला में सक्रिय करने, गिरवी/लेंडिंग को सक्षम करने और बुलियन आयात निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।
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