ईडी ने अवैध सट्टेबाजी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विकास गर्ग को हिरासत में लिया

ईडी ने अवैध सट्टेबाजी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विकास गर्ग को हिरासत में लिया
ईडी का बड़ा एक्शन

महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़ी कथित अवैध सट्टेबाजी जांच में प्रवर्तन निदेशालय ने विकास गर्ग के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। एजेंसी का कहना है कि इस मामले में कथित अपराध आय को देश और विदेश में कंपनियों, प्रतिभूतियों और अन्य परिसंपत्तियों के जरिए परतदार ढांचे में खपाया गया।

हाइलाइट्स

  • प्रवर्तन निदेशालय ने 14.07.2026 को विकास गर्ग को गिरफ्तार किया और विशेष अदालत, रायपुर ने 24.07.2026 तक 10 दिन की हिरासत मंजूर की।
  • एजेंसी के अनुसार, अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अपराध आय फ्रेंचाइजी नेटवर्क के जरिए उत्पन्न कर रहा था।
  • अब तक सात अस्थायी कुर्की आदेशों के तहत करीब 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क/जब्त की गईं और U.S.-आधारित EBIX Inc. में 97.58% हिस्सेदारी अधिग्रहण की जांच में शामिल है।

गिरफ्तारी, रिमांड और जांच का दायरा

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, Enforcement Directorate द्वारा जारी सूचना के अनुसार, रायपुर जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत विकास गर्ग को 14.07.2026 को नई दिल्ली में गिरफ्तार किया। उन्हें पहले विशेष अदालत, नई दिल्ली में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिला, और इसके बाद 15.07.2026 को विशेष अदालत, रायपुर में पेश किया गया, जिसने उन्हें 24.07.2026 तक 10 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेजा है।

जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ पुलिस, दुर्ग की प्राथमिकी और छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर हुई। एजेंसी के मुताबिक, अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मंचों के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं, और यह सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल नेटवर्क के जरिए हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अपराध आय पैदा कर रहा था।

धन शोधन के आरोप और संपत्ति जब्ती का असर

ईडी का कहना है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से उत्पन्न कथित अपराध आय को नकदी के बदले एंट्री, शेल इकाइयों के जाल और दुबई, मॉरीशस तथा UK स्थित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से क्यूआईपी, एफपीआई, एफडीआई और एफसीसीबी मार्गों से खपाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इन रकमों को विकास गर्ग के स्वामित्व और नियंत्रण वाली सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में लगाया गया ताकि कथित तौर पर दागी धन को वैध दिखाया जा सके।

एजेंसी ने यह भी कहा है कि इन निधियों का उपयोग समूह संस्थाओं के जरिए आगे परतदार ढंग से किया गया, जिनमें U.S.-आधारित EBIX Inc. में 97.58% हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी शामिल है, जो संयुक्त राज्य दिवाला अदालत की प्रक्रिया के माध्यम से हुआ। इससे पहले 05.06.2026 के अस्थायी कुर्की आदेश के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी इकाइयों की लगभग 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां संलग्न की गई थीं।

ईडी के मुताबिक, इस मामले में अब तक सात अस्थायी कुर्की आदेश जारी हो चुके हैं और पूरक अभियोजन शिकायतों सहित अभियोजन शिकायतें विशेष अदालत, रायपुर के समक्ष दायर की जा चुकी हैं, जिसने धन शोधन अपराध का संज्ञान लिया है। एजेंसी का कहना है कि अब तक लगभग 4,000 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं, जबकि आगे की जांच जारी है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में कथित आतंकी फंडिंग और अवैध घुसपैठ से जुड़े नेटवर्क की धनशोधन जांच के तहत ईडी की कई राज्यों में की गई तलाशी कार्रवाई का विवरण था। इसमें जब्त नकदी व सोने के अलावा, फर्जी दस्तावेज, मानव तस्करी और एफसीआरए के जरिए विदेशी फंडिंग को परतदार लेनदेन व म्यूल बैंक खातों से घुमाने के आरोपों पर जांच के दायरे को रेखांकित किया गया था।

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