ED ने बिहार अवैध बालू खनन मामले में तलाशी तेज की, 2.92 करोड़ रुपये नकद जब्त
बिहार के बांका जिले से जुड़े कथित अवैध बालू खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 17 जुलाई 2026 को देशभर में 12 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई का दायरा राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और बिहार तक फैला है, जबकि जांच का केंद्र M/s Mahadev Enclave Pvt Ltd और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन हैं।
हाइलाइट्स
- ED ने M/s Mahadev Enclave Pvt Ltd से जुड़े अवैध बालू खनन मामले में 12 स्थानों की तलाशी में 2.92 करोड़ रुपये नकद और दस्तावेज जब्त किए।
- IIT Patna के जियोस्पेशियल विश्लेषण से पता चला कि 2015-16 से 2022-23 के दौरान अवैध बालू खनन का अनुमानित मूल्य 131 करोड़ रुपये से अधिक है।
- बिहार सरकार के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने 21 अगस्त 2025 को FIR संख्या 365/2025 दर्ज की, मामले में जांच जारी है।
तलाशी अभियान और जब्ती का दायरा
जैसा कि Enforcement Directorate के अनुसार, पटना जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत श्रीगंगानगर, जयपुर, दिल्ली, गुड़गांव, पटना और बांका में 12 स्थानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई M/s Mahadev Enclave Pvt Ltd, बांका, बिहार से जुड़े कथित अवैध बालू खनन मामले में की गई है।एजेंसी का कहना है कि यह इकाई श्रीगंगानगर, राजस्थान के चंदक परिवार के नियंत्रण में है, जिसका नेतृत्व अशोक चंदक और उनके पुत्र राघव चंदक करते हैं। तलाशी के दौरान 2.92 करोड़ रुपये नकद, बिक्री विलेखों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का ब्योरा, चेक, ऋण समझौते, निवेश संबंधी विवरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद कर जब्त किए गए हैं।
ईडी ने यह जांच बांका में दर्ज उन FIR के आधार पर शुरू की, जिनमें IPC 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत M/s Mahadev Enclave Pvt Ltd और उसके निदेशक मनोज पचीसिया पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन करने का आरोप है। एजेंसी के अनुसार, यह गतिविधि राज्य खनन विभाग द्वारा रिपोर्ट या चिन्हित नहीं की गई थी।
आईआईटी विश्लेषण और राजस्व प्रभाव
जांच के क्रम में ईडी पटना ने 1 अक्टूबर 2024 के पत्र के जरिए IIT Patna से बिहार के बांका जिले की नदियों के बालू घाटों का जियोस्पेशियल विश्लेषण कराने का अनुरोध किया। IIT Patna की रिपोर्ट के विश्लेषण से एजेंसी को यह पता चला कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर अवैध बालू उत्खनन किया और वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के दौरान इस अवैध रूप से निकाली गई बालू का अनुमानित मूल्य 131 करोड़ रुपये से अधिक है।इसके बाद यह जानकारी धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 66(2) के तहत बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक के साथ साझा की गई। इसके जवाब में बिहार सरकार के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने 21 अगस्त 2025 की FIR संख्या 365/2025 दर्ज कराई, जिसकी जांच जारी है।
एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच प्रगति पर है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में आतंकी फंडिंग और अवैध घुसपैठ से जुड़े कथित नेटवर्क की धनशोधन जांच के तहत ईडी की बहु-राज्य तलाशी कार्रवाई पर चर्चा की गई थी। उस अभियान में कई परिसरों पर छापों के दौरान नकदी, सोना, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए, साथ ही एफसीआरए के जरिए विदेशी फंडिंग, परतदार लेनदेन और म्यूल बैंक खातों के कथित उपयोग के संकेत भी सामने आए थे।
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