ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
मुंबई महानगरपालिका ने २००७ में एक नीति लागू की थी, जिसके तहत शैक्षणिक संस्थानों को स्कूलों को दत्तक लेने का अवसर मिलता है।
इस नीति के तहत, आज ३७ स्कूलों को दत्तक दिया गया। इस संबंध में, शिवसेना नेता मंगल प्रभात लोढा का कहना है कि इन संस्थानों को केवल स्कूल चलाने और शिक्षकों के वेतन देने की जिम्मेदारी है, और उन पर कोई मालिकाना हक नहीं होता। मालवणी टाऊनशिप भी इसी नीति के तहत आती है।
शिवसेना नेता मंगल प्रभात लोढा की भूमिका नीतिगत बदलावों में लगातार केंद्र में रही है, जिसकी झलक उनके द्वारा सीमावर्ती सुरक्षा दिवस पर किए गए शूरवीरों के सम्मान से जुड़ी पहल में भी देखी जा सकती है। इसी तरह, उन्होंने बहुप्रतीक्षित चर्नी रोड पुल का मुद्दा उठाकर मुंबई की अवस्थापना से संबंधित चुनौतियों को भी राष्ट्रीय विमर्श में शामिल कराया है।