ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
राजिंदर गुप्ता ने एक ट्वीट में साहिबज़ादों की बहादुरी और निष्पक्षता का विवरण दिया।
साहिबज़ादे, चामकौर साहिब की जंग में दिखाए गए साहस और हिम्मत के लिए जाने जाते हैं। गुप्ता के अनुसार, बड़े साहिबज़ादों ने लोगों को 'हक, सच और अदोल' रहने की प्रेरणा दी, जबकि छोटे साहिबज़ादों ने 'लाख लालचों' का जवाब 'जैकारों' से दिया। इस प्रकार के युद्ध के दौरान भी साहिबज़ादों की आँखों में 'डर' नहीं देखा गया।
यह ट्वीट गुप्ता की ऐतिहासिक घटनाओं को याद करने की पहल का भाग है।
गुप्ता की ऐतिहासिक घटनाओं को उजागर करने की यह कोशिश, उनके द्वारा पहले तक्षशिला के इतिहास पर प्रस्तुत किए गए विश्लेषण की निरंतरता दर्शाती है, जिसे उन्होंने Takshashila के विकास पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रस्तुत किया था। इसी क्रम में, उनके विश्लेषण में क्षेत्रीय रेल संपर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए क्षेत्रीय रेल संरचना के मुद्दों को भी प्रमुखता दी गई थी, जो सामाजिक प्रेरणा देने वाले इन ऐतिहासिक उदाहरणों के संदर्भ को और गहराई प्रदान करता है।