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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
आईआईएम बैंगलोर के प्रमुख संस्थापक Sanjeev Bikhchandani ने गिग इकॉनमी के स्वभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि गिग अर्थव्यवस्था का मूल यह है कि यह पूर्णकालिक नहीं होती। वहाँ लोग होंगे जो दो घंटे काम करेंगे, और कुछ लोग तीन दिन में एक बार काम करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग दस घंटे तक भी काम लगा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि 'आधा ज्ञान' खतरनाक और भ्रामक हो सकता है। Sanjeev, जो नॉकरि.कॉम के संस्थापक हैं, ने गिग वर्क को समझने की गहराई पर बल दिया और इसके आर्थिक प्रभाव पर ध्यान दिलाया।
Sanjeev Bikhchandani की दृष्टि को समझने के लिए आवश्यक है कि उनके बहुआयामी अनुभव को भी ध्यान में रखा जाए—जैसा कि उनकी दूरदर्शन कार्टून वीडियो में आई महत्वपूर्ण झलकियों पर आधारित विश्लेषण यहाँ प्रस्तुत है। साथ ही, गिग इकॉनमी की रणनीतिक सोच की पृष्ठभूमि उनके भारत की रणनीति पर केंद्रित विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखती है, जिसे विस्तार से इस रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है।