ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
ट्वीट लेखक Anuj Singhal ने इंडिगो पर आधारित एक चर्चा प्रारंभ की है। इंडिगो पर 22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है जो पिछले वर्ष के लाभ-हानि बयान के अनुसार इसके दैनिक लाभ के बराबर बताया गया है। यह कदम क्या भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए कई दिन तक की रुकावट बना सकता है या इसे अधिक कठोर होना चाहिए था? यह प्रश्न अनुत्तरित है। विवरणों की पुष्टि की जा रही है।
इन घटनाओं के आलोक में, भारतीय विमानन क्षेत्र पर लगाए गए जुर्मानों की तुलना उसी सख्ती से की जा सकती है, जिस प्रकार हाल ही में टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी नियामकीय दबाव का सामना करना पड़ा था—जैसा कि TCS के प्रबंधन को पुनर्संगठित करने पर उठी चर्चाओं में परिलक्षित हुआ था। इसी तरह, बाजार में अस्थिरता और अचानक आए बदलावों के उदाहरण हमने Meesho के शेयर मूल्य में आई गिरावट के समय भी देखे हैं।