ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
भारत सरकार ने क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के लिए विशेष आमंत्रण दिया है। अमिताभ कांत ने ट्वीट करके जानकारी दी कि जो विदेशी फर्म भारतीय डेटा केंद्रों का उपयोग कर क्लाउड सेवाएं प्रदान करती हैं, उन्हें 21 वर्षों का कर अवकाश प्राप्त होगा। साथ ही, इस पहल को सतत बनाने के लिए देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा, मॉडर्न ग्रिड्स और जल दक्षता को महत्व दिया जा रहा है। यह कदम न केवल तकनीकी क्षेत्र के विकास में सहायक होगा, बल्कि विदेशी निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा।
नई नीति का महत्व भारत के तकनीकी और निवेश परिवेश में स्थायी बदलाव के संकेत देता है। सतत विकास के एजेंडे के संदर्भ में, इस पहल में ग्रीन हाइड्रोजन जैसे ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में किये गए प्रयासों की झलक मिलती है, जैसा कि Greenko के हाइड्रोजन संयंत्र की सराहना में देखा गया था। इसी तरह, आर्थिक विकास और निवेश आकर्षण पर इसके संभावित प्रभाव की पड़ताल अमूमन होती रही है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर चर्चा में IOG के साथ भागीदारी में उभरकर सामने आई थी।