ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
प्रसिद्ध उद्यमी Ankur Warikoo ने वित्त से जुड़ी मानसिकता के महत्व को उजागर करते हुए ट्वीट में कहा कि हमारे बैंक खाते में दिख रही रकम कुछ वर्षों पहले लिए गए या टाले गए निर्णयों का परिणाम है। Warikoo मानते हैं कि आर्थिक समस्याओं की जड़ सोच में है, न कि संसाधनों की कमी में। उन्होंने आगे लिखा कि सोच बदलने से खाते में पैसा भी धीरे-धीरे बढ़ता है, भले तुरंत असर न दिखे, लेकिन यह बदलाव विश्वसनीय होता है। उनका विचार है कि सतत और सकारात्मक सोच वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक है।
Warikoo की वित्तीय मानसिकता पर चर्चा उनके बिजनेस फंडिंग पर केंद्रित दृष्टिकोण से मेल खाती है, जिसे उन्होंने पूर्व में अपनी विशेष रिपोर्ट "बिना फंडिंग व्यवसाय शुरू करने की हकीकत" में विस्तार से संबोधित किया था। यह परिप्रेक्ष्य उद्यमियों के लिए न केवल पूंजी प्रबंधन, बल्कि सोच-समझकर लिए गए फैसलों की दीर्घकालिक भूमिका को भी रेखांकित करता है।