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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Rajeev Mantri ने उद्योगपति Anil Agarwal द्वारा संसाधन और खनन क्षेत्र की नीतियों में की जा रही मूलभूत गलतियों की खुलकर आलोचना का स्वागत किया है। Mantri के अनुसार, नीतिगत चूकों के कारण देश की आयात पर निर्भरता बढ़ रही है, जो दीर्घकालीन आर्थिक स्थिरता के लिए नुकसानदायक हो सकता है। Anil Agarwal ने हालिया मंचों पर सरकार से घरेलू खनन को बढ़ावा देने और निर्यात-आधारित रणनीतियों पर जोर देने की आवश्यकता पर बल दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमुख उद्योगपतियों की स्पष्ट राय से नीति-निर्माण में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।
Mantri की यह चिंता देश की नीतिगत चुनौतियों को रेखांकित करती है, जिससे भारत की बढ़ती आयात निर्भरता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं—एक विषय जिस पर उन्होंने पहले भी भारत की तेल निर्भरता में जोखिमों के संदर्भ में विस्तार से चर्चा की थी। इसी तरह, वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में चीन के ऑटोमेशन और रोबोटिक्स में नेतृत्व की भूमिका ने भी संसाधन नीतियों की तुलना को महत्वपूर्ण बना दिया है, जिसमें भारतीय प्राथमिकताओं की पुनर्समीक्षा आवश्यक प्रतीत होती है।