ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Dr. Laxman Yadav ने ट्वीट के माध्यम से प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश में गिरते रुपये के मुद्दे पर जुमलों के बजाय स्पष्ट और सीधा जवाब दिया जाए। उनका कहना है कि रुपये के कमजोर होने से अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है और जनता इस विषय पर केंद्र सरकार की पारदर्शिता चाहती है। मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव निवेशकों और व्यापारिक समुदाय की चिंता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपया-Dollar विनिमय दर पर सरकार की नीति और आगामी सुधारों का सार्वजनिक स्पष्टीकरण बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
रुपये के मूल्य में हालिया गिरावट और इससे उपजी पारदर्शिता की मांग, देश में आर्थिक नीतियों पर जनता की सतत निगरानी को दर्शाती है। इसी संदर्भ में, मध्यरात्रि में लिए गए नीति निर्णयों और इनके चलते आम जनता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण पहले भी लेखक द्वारा किया गया है, जैसा कि अचानक दाम बढ़ाने के फैसले पर जनता की प्रतिक्रिया के माध्यम से स्पष्ट हुआ था। वहीं, आर्थिक अस्थिरता का बच्चों के भविष्य पर संभावित असर ट्रिलियन की दौड़ में बच्चों का भविष्य में भी विचारणीय रहा है।