ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
विजय केडिया ने ट्वीट के जरिए निवेशकों को बाजार में कागजी लाभ और हानि की हकीकत पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। केडिया ने लिखा कि डिमैट स्टेटमेंट बाजार का है, जबकि बैंक स्टेटमेंट निवेशक का अपना है। उन्होंने निवेशकों को याद दिलाया कि जब तक कोई निवेश बेचा नहीं जाता, तब तक न तो लाभ और न ही हानि वास्तविक मानी जाती है। उन्होंने अपने पोर्टफोलियो की गिरावट भी साझा की और बताया कि कीमतों को लेकर चिंता करना निवेशकों को केवल परेशान करता है, मूल्य में बदलाव नहीं लाता। इस संदेश के जरिए केडिया ने दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण और धैर्य पर जोर दिया है।
Kedia has previously highlighted sectoral trends, recently drawing attention to the critical role of solar energy in India’s economy. In an interview with Outlook Business, he also discussed the benefits of long-term and patient investing. His recent comments follow a series of public statements encouraging disciplined investment practices.