ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Umashankar Singh ने इथेनॉल के बदलते दाम और पेट्रोल में मिलावट की रणनीति पर सवाल उठाया है। उन्होंने यह संकेत दिया कि जब इथेनॉल सस्ता था, तब तेल कंपनियों को इसे पेट्रोल में मिलाने से अधिक लाभ मिलता था। अब इथेनॉल महँगा हो गया है, तो कंपनियाँ तर्क बदलकर पेट्रोल उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही हैं। Umashankar Singh ने पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए, विकल्प के तौर पर बिना इथेनॉल मिला पेट्रोल देने की वकालत की है। इससे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर ईंधन उपलब्ध कराने की बहस फिर शुरू हो गई है।
Singh has recently highlighted several developments in energy markets. He reported on the sharp price movements in Brent and WTI crude oil. In a separate article, he covered Russia's temporary ban on gasoline exports starting April 1. These reports reflect Singh's continued focus on fuel pricing and supply issues.