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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
डॉ. मनसुख मंडाविया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के तहत केंद्र सरकार की मुद्रा योजना को देश में स्वरोजगार की क्रांति का आधार बताया है। उनके अनुसार, देश भर में अब तक लगभग 58 करोड़ ऋण और ₹40,00,000 करोड़ से अधिक का वितरण हुआ है। यह आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं कि भारत के युवा अब जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बन रहे हैं। मुद्रा योजना के 11 वर्ष पूर्ण होने पर यह उपलब्धि खास मानी जा रही है। इस पहल से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को पूंजी समर्थन मिला है, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रगति दर्ज की गई है।
Mandaviya has previously highlighted government efforts to improve financial inclusion, including measures through the e-Shram portal for unorganised workers. He has also commented on recent government actions such as petrol and diesel tax reductions. These initiatives reflect a continued policy focus on economic access and affordability.