ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से त्याग करने की अपील के बाद, Aadesh Rawal ने इसे नोटबंदी और कोविड-19 महामारी के समय की नीति से जोड़ते हुए आर्थिक संकेतकों पर चिंता जताई। ट्वीट में विशेष रूप से सोना, पेट्रोल और खाद के आयात और रुपये की कमजोरी का उल्लेख किया गया, जिसे देश की सबसे बड़ी समस्या बताया गया। विश्लेषकों के अनुसार, रुपए की गिरावट आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ा सकती है और उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति पर दबाव डालेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सरकारी अपीलें मांग में गिरावट या मंदी के संकेत हो सकते हैं, जिससे आर्थिक नीति में बदलाव की संभावना है। फिलहाल सरकार से औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Rawal has recently highlighted other cost pressures facing businesses. He reported on the commercial gas cylinder price increase of ₹993 in Delhi. This follows continued concerns about rising import bills and currency weakness.