ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Surjit Bhalla ने ट्वीट में भारतीय आर्थिक नीति की तुलना प्याज की परतों से करते हुए, इसमें छिपी नौकरशाही की शक्ति और उसकी जवाबदेही की कमी पर प्रकाश डाला। उन्होंने BITs से जुड़ी एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि नीतिगत फैसलों में पारदर्शिता नहीं है और नौकरशाही की कार्यवाहियों पर सेंसरशिप हावी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस प्रकार की नीतिगत अस्पष्टता से निवेशकों का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। बाजार विश्लेषक भी लगातार प्रशासनिक सुधारों और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जिससे नीति नियंता पारदर्शिता बरत सकें।
Earlier, Surjit Bhalla highlighted concerns about the sharp decline in India's FDI inflows in a recent analysis. He also examined the impact of inward and outward FDI movements on India's GDP in another detailed report. These discussions follow his latest comments on bureaucratic opacity in economic policy.