Aadesh Rawal: सरकार ने पहली बार सोना बेचकर खर्च चलाने की रणनीति अपनाई

Aadesh Rawal: सरकार ने पहली बार सोना बेचकर खर्च चलाने की रणनीति अपनाई
सरकार ने खर्च के लिए सोना बेचा

देश की सरकार ने 70 साल में पहली बार अपने आरक्षित सोने की बिक्री का कदम उठाया है ताकि राजकोषीय दबाव कम किया जा सके और अर्थव्यवस्था को समर्थन मिले। परंपरागत रूप से, घर का सोना बेचने को वित्तीय संकट का संकेत माना जाता है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री खुद जनता से सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से सरकार को अल्पकालिक राहत मिल सकती है, लेकिन यह आरक्षित संपत्तियों के संतुलन पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।

Aadesh Rawal previously reported a windfall of ₹19,470 crore in quarterly profits by three state-run oil companies, highlighting strength in the energy sector here. In another recent update, he covered a 5-rupee increase in petrol and diesel prices over 10 days here. These developments come as India faces renewed fiscal pressures.

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