ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Dr Arvind Virmani ने ट्वीट में स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक बाजार अर्थव्यवस्थाओं को सुपर-हेजेमन्स पर निर्भरता कम कर एक-दूसरे के साथ व्यापार और निवेश को विविध बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति और प्रयास महत्वपूर्ण हैं, परंतु दीर्घकालिक सफल नीति के लिए यथार्थवाद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक व्यापार ढांचे में यह परिवर्तन संभव और व्यावहारिक है, जिससे विकासशील देशों को आर्थिक मजबूती मिल सकती है।
Virmani has addressed related issues in recent commentary. In a discussion on India's electronics design sector, he highlighted opportunities for growth and diversification. He has also commented on the need for clear policies on infrastructure subsidies and expansion.