ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Ajay Kashyap के अनुसार, अगस्त 2025 के बाद से केंद्रीयकृत एक्सचेंज (CEX) पर स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम में 74% की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट या तो उपयोगकर्ताओं के विकेंद्रीकृत एक्सचेंज (DEX) की ओर रुझान या फिर क्रिप्टो बाजार से बाहर जाने की ओर संकेत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में तरलता और वॉल्यूम के प्रवाह पर यह बदलाव दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। प्रमुख विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय निवेशकों को ट्रेडिंग लागत, सुरक्षा और प्लेटफॉर्म के चयन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
इससे पहले, अजॉय कश्यप ने रिपोर्ट किया था कि अमेरिकी सीनेट ने 2030 तक CBDC पर बैन को बढ़ाया, जिससे स्टेबलकॉइन्स पर भी असर पड़ा। भारत की संसद समिति द्वारा क्रिप्टो पर अंतिम नियम निर्धारण की प्रक्रिया पर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। ये घटनाएं ट्रेडिंग वॉल्यूम में बदलाव के समय नियामकीय अनिश्चितता को रेखांकित करती हैं।