ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Surjit Bhalla ने तिमाही आर्थिक अनुमान को लेकर चल रही बहस पर ध्यान केंद्रित किया है। ट्वीट में उन्होंने स्पष्ट किया कि 2025 की दूसरी तिमाही के लिए अनुमान 15 वर्ष पुराने बेस ईयर और नए 2022-23 बेस ईयर के बीच तुलना पर आधारित है। Bhalla का मानना है कि केवल भारत में मीडिया ऐसे मुद्दों को महत्व देता है, जो आंकड़ों की तकनीकी तुलना से उत्पन्न होते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि नए आधार वर्ष से आर्थिक वृद्धि की गणना अधिक सटीक होती है, लेकिन पुराने और नए अनुमान के बीच अंतर हमेशा विवाद का विषय रहा है। नीति निर्माताओं और अर्थशास्त्रियों के लिए यह बहस महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के आकलन में स्पष्टता आती है।
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Surjit Bhalla ने पहले भी नीति निर्धारण पर अपने विचार खुलकर रखे हैं। किसान आयकर को लेकर उनकी आर्थिक समीक्षा ने चर्चा को नया आयाम दिया था। उन्होंने ‘The Road to Viksit Bharat’ रिपोर्ट में भारत के विकास के गणित पर भी ध्यान केंद्रित किया है।