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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
टेक्नोलॉजी का प्रभुत्व आर्थिक प्रभुत्व की दिशा में अग्रसर है। यह तथ्य प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक इतिहास तक देखा गया है। मेसोपोटामिया, रोम, पारसियों से लेकर स्पेन, यूके और अब अमेरिका एवं चीन का उभरता आर्थिक वर्चस्व इसका प्रमाण है। Akshat Shrivastava के अनुसार, हर साम्राज्य के विकास में यह विशेषता रही है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत के पास बेहतरीन इंजीनियरिंग प्रतिभा है, जिसके साथ देश आर्थिक विकास में नई ऊंचाइयाँ छू सकता है। विवरणों की पुष्टि की जा रही है।
Akshat Shrivastava का यह आकलन भारतीय तकनीकी कौशल और आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं को गहराई से रेखांकित करता है—यही दृष्टिकोण उन्होंने देश में निवेश पथ्यक्रम और एक मिलियन डॉलर पोर्टफोलियो के लक्ष्य की चर्चा में भी प्रस्तुत किया था। साथ ही, भारत के वित्तीय जगत की जटिलताओं का विश्लेषण उन्होंने FD दर घोटाले की पड़ताल के दौरान भी किया, जो तेज़ी से बदलते आर्थिक परिवेश में नीतिगत विवेक के महत्व को रेखांकित करता है।