ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Rajeev Mantri ने भारत के संयुक्त उपक्रम (joint venture) मॉडल की आलोचना करते हुए स्पष्ट किया कि केवल साझेदारी करने या समझौते करने से विदेशी कंपनियाँ प्रौद्योगिकी साझा नहीं करेंगी। उन्होंने Akshay Kumar के डायलॉग का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय कंपनियों को तकनीक स्वत: नहीं मिलेगी और इसके लिए आत्मनिर्भरता तथा आरएंडडी में निवेश जरूरी है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि भारत की औद्योगिक नीति में नवाचार को प्राथमिकता देना समय की मांग है। बाजार जानकारों के मुताबिक, वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सिर्फ सामूहिक प्रयास ही पर्याप्त नहीं, बल्कि तकनीकी विकास में ठोस कदम उठाना अनिवार्य है।
X पर पोस्ट देखें लोड हो रहा है...
Rajeev Mantri पहले भी Niranjan के योगदान और युवाओं को मौका देने के महत्व पर टिप्पणी कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने BotLab Dynamics द्वारा Eden Gardens में ड्रोन लाइट शो को भी भारतीय तकनीकी प्रगति का उदाहरण बताया था। इन उदाहरणों में तकनीकी नवाचार और घरेलू क्षमताओं पर ज़ोर देखने को मिलता है।