ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Surjit Bhalla ने हालिया ट्वीट में गरीबी में गिरावट के दावे को विश्वसनीय बनाने के लिए तर्क प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्वनिर्धारित गरीबी मापदंड पर खुली चर्चा का निमंत्रण भी दिया और @sardesairajdeep सहित विशेषज्ञों को बीते 40 वर्षों (1983-2023) में भारत की उपलब्धियों पर खुले विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया। यह कदम भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के विश्लेषण को नई दिशा देने की कोशिश है।
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इससे पहले, सुरजीत भल्ला ने भारत, चीन और वियतनाम की विनिर्माण प्रतिस्पर्धा पर विश्लेषण प्रस्तुत किया था. एक अन्य रिपोर्ट में उन्होंने सरकार के जल्द संशोधित निवेश संधि मॉडल की स्थिति पर तथ्यात्मक जानकारी दी थी. इन चर्चाओं के जरिए वह अर्थव्यवस्था के प्रमुख मुद्दों पर निरंतर प्रकाश डालते रहे हैं।