ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
प्रो. शामिका रवि के ट्वीट के अनुसार, 12 साल पहले बिहार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल से आर्थिक रूप से पीछे था। आज स्थिति बदल गई है, जहां ग्रामीण बिहार ने ग्रामीण पश्चिम बंगाल से घरेलू खर्च के मामले में बढ़त बना ली है। शहरी क्षेत्रों में भी दोनों राज्यों का खर्च लगभग बराबर हो गया है। यह बदलाव बिहार की आर्थिक तरक्की को दर्शाता है।
बिहार की आर्थिक प्रगति का यह संकेत व्यापक डेटा विश्लेषण और नीति बदलाव की तरफ भी इशारा करता है। इसी संदर्भ में, प्रो. शामिका रवि द्वारा भारतीय डेटा की उपेक्षा की आलोचना पर आधारित उनके विश्लेषण को देखा जा सकता है, जिसमें उन्होंने आर्थिक आकलन में पारदर्शिता पर जोर दिया था। साथ ही, गरीबी उन्मूलन के लिए हुए हालिया प्रयासों और उसमें हासिल हुई प्रगति का मूल्यांकन भी पहले प्रस्तुत किया गया था, जिससे इस बदलाव की पृष्ठभूमि और अधिक स्पष्ट होती है।