ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Ashoka University के संस्थापक सदस्यों ने विश्वविद्यालय की दृष्टि को एक 'अमानत' के रूप में प्रस्तुत किया।
Sanjeev Bikhchandani ने ट्वीट में स्पष्टता के साथ बताया कि Kavita और Manish Sabharwal, दोनों Ashoka University के संस्थापक और अभिभावक हैं। इनका मानना है कि विश्वविद्यालय कई हितधारकों और महत्वाकांक्षाओं के साथ एक बहु-ध्रुवीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
उल्लेखनीय है कि इस दृष्टिकोण को विश्वविद्यालय की वैचारिक स्वतंत्रता को संरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Ashoka University के बहु-ध्रुवीय दृष्टिकोण और वैचारिक स्वतंत्रता पर केंद्रित यह विमर्श उन विचारों के अनुरूप है जो Sanjeev Bikhchandani ने भारत की नवाचार अर्थव्यवस्था में बढ़ते नेतृत्व की भूमिका पर अपने विश्लेषण में प्रस्तुत किए थे। इसी संदर्भ में, उन्होंने 'The Game Changers' द्वारा उच्च शिक्षा और उद्यमशीलता के बदलते स्वरूप पर भी गहराई से अध्ययन किया है, जो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में और अधिक प्रासंगिक प्रतीत होता है।