भारत में सिटी गैस वितरण नेटवर्क के तेज और एकरूप विस्तार पर जोर देते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड ने 2026 के मसौदा संशोधनों पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं। प्रस्ताव का उद्देश्य प्रत्येक जिले को स्टील पाइपलाइन अवसंरचना से जोड़ने, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा देने और नेटवर्क की सुरक्षा व अखंडता बनाए रखने का है।
हाइलाइट्स
- PNGRB ने सिटी या लोकल नेचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए 2008 के रेगुलेशन में बदलाव का मसौदा प्रकाशित किया और 18 नवंबर 2026 तक सुझाव मांगे।
- प्रस्तावित संशोधन जिलेवार स्टील पाइपलाइन अवसंरचना को जोड़ने और सिटी गैस वितरण नेटवर्क कवरेज में असमानता कम करने पर केंद्रित हैं।
- मसौदा रेगुलेशन CGD सेक्टर में टेक्निकल, सुरक्षा और ऑペरेशनल स्टैंडर्ड्स को और स्पष्ट करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में सहूलियत देगा।
मसौदा संशोधन और परामर्श प्रक्रिया
Petroleum and Natural Gas Regulatory Board की Petroleum and Natural Gas Regulatory Board की सार्वजनिक सूचना के अनुसार, नियामक ने PNGRB (Authorizing Entities to Lay, Build, Operate or Expand City or Local Natural Gas Distribution Networks) Regulations, 2008 की समीक्षा के बाद संशोधन और नए प्रावधानों का मसौदा तैयार किया है। यह मसौदा, “PNGRB (Authorizing Entities to Lay, Build, Operate or Expand City or Local Natural Gas Distribution Networks) Amendment Regulations, 2026”, मौजूदा प्रावधानों को प्रचलित नियमों के अनुरूप अद्यतन करने के लिए लाया गया है।प्रस्तावित बदलावों में विनियमन 9 में उप-विनियमन (3) के बाद नए उप-विनियम जोड़ना, विनियमन 12(2) के मौजूदा प्रावधान में संशोधन करना, विनियमन 12 में उप-विनियमन (2) के बाद नया उप-विनियमन (3) जोड़ना, और विनियमन 14 में उप-विनियमन (1) से पहले नया उप-विनियमन शामिल करना शामिल है। बोर्ड ने हितधारकों और आम जनता से इन मसौदा नियमों पर राय मांगी है।
टिप्पणियां ई-मेल के जरिए secretary@pngrb.gov.in पर भेजी जा सकती हैं या सचिव, PNGRB को डाक से लिखित रूप में भेजी जा सकती हैं। सार्वजनिक सूचना की तिथि से 30 दिनों के भीतर, यानी 18 नवंबर 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
गैस अवसंरचना और स्वच्छ ऊर्जा पर असर
यह पहल सिटी गैस वितरण क्षेत्र में अवसंरचना विस्तार के लिए अधिक समान ढांचा तैयार करने की दिशा में देखी जा रही है, खासकर उन इलाकों में जहां पाइपलाइन संपर्क का विस्तार अभी भी प्राथमिकता बना हुआ है। प्रत्येक जिले को स्टील पाइपलाइन अवसंरचना से जोड़ने पर जोर यह संकेत देता है कि नियामक नेटवर्क कवरेज में असमानता कम करना चाहता है।व्यापक स्तर पर, प्रस्तावित संशोधन स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को अपनाने की प्रक्रिया को सहूलियत देने के साथ सुरक्षा और नेटवर्क अखंडता को भी नियामकीय ढांचे के केंद्र में रखते हैं। इससे CGD क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं के लिए अनुपालन, विस्तार योजना और परिचालन मानकों पर आगे चलकर स्पष्टता बढ़ सकती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में PNGRB द्वारा सिटी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क में MLC (मल्टीलेयर कंपोजिट) पाइप के उपयोग का दायरा उपभोक्ता मीटर के अपस्ट्रीम तक सशर्त बढ़ाने पर चर्चा की गई थी। उस लेख में बताया गया था कि यह अनुमति कड़े सुरक्षा, स्थापना, परीक्षण और थर्ड-पार्टी निरीक्षण मानकों के पालन से जुड़ी है, जिससे CGD कंपनियों के डिजाइन, रखरखाव और अनुपालन दायित्व भी स्पष्ट रूप से बढ़ते हैं।
- Forex
- Crypto