Aryan Hometec पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ED की तलाशी, 90 करोड़ रुपये के कथित डायवर्जन पर फोकस

Aryan Hometec पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ED की तलाशी, 90 करोड़ रुपये के कथित डायवर्जन पर फोकस
Aryan Hometec पर ED की छापेमारी

बेंगलुरु में रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े कथित धोखाधड़ी और धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने Aryan Hometec Private Limited तथा उसके निदेशकों से जुड़े तीन परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई में कथित रूप से आपत्तिजनक और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए, जबकि जांच का दायरा भूमि मालिकों, घर खरीदारों और वित्तीय संस्थानों की शिकायतों तक फैला हुआ है।

हाइलाइट्स

  • प्रवर्तन निदेशालय ने Aryan Hometec Private Limited और उसके निदेशकों से जुड़े तीन परिसरों पर तलाशी में मूल्यवान दस्तावेज जब्त किए।
  • ED की जांच में पाया गया कि कंपनी ने Aryan Fountain Square और Aryan Golden Arena परियोजनाओं के लिए जुटाई गई कुल 90 करोड़ रुपये की रकम कथित रूप से डायवर्ट की।
  • आरोप है कि निदेशकों ने अनाधिकृत आय को परिवार के सदस्यों और संबद्ध इकाइयों में layer और integrate किया; मामला जांचाधीन है।

तलाशी कार्रवाई और जांच का आधार

जैसा कि Enforcement Directorate के अनुसार, बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने M/s Aryan Hometec Private Limited और उसके निदेशकों, Bharath Reddy तथा Rashmi Bharath Reddy, से जुड़े तीन परिसरों पर तलाशी ली है। एजेंसी का कहना है कि इस कार्रवाई में मूल्यवान और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

जांच विभिन्न प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई, जिन्हें पुलिस ने भूमि मालिक, घर खरीदारों और वित्तीय संस्थानों की शिकायतों पर दर्ज किया था। एजेंसी ने कहा कि कुछ मामलों में पुलिस ने 'C' रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें आरोपियों के पता नहीं चलने की बात कही गई, जिसके बाद उनके ठिकानों का पता लगाकर तलाशी की गई।

रियल एस्टेट परियोजनाओं और धन के कथित दुरुपयोग का असर

जांच में यह आरोप सामने आया है कि कंपनी ने संयुक्त विकास समझौते के तहत भूमि मालिक B.G. Anjinappa को आवंटित अपार्टमेंट का निर्माण नहीं किया और उन्हें विभिन्न वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋणों में गारंटर भी बनाया। एजेंसी के अनुसार, भूमि मालिक को जमीन बचाने के लिए ऋण का बड़ा हिस्सा स्वयं चुकाना पड़ा, जबकि उन्हें परियोजना से अपेक्षित प्रतिफल नहीं मिला।

ED का कहना है कि कंपनी ने B.G. Anjinappa के साथ 63 प्रतिशत और 37 प्रतिशत के अनुपात में इकाइयों तथा संबंधित भूमि के बंटवारे पर सहमति की थी। जांच के दायरे में "Aryan Fountain Square" और "Aryan Golden Arena" परियोजनाएं हैं, जिनके लिए जुटाई गई राशि को अन्य उद्देश्यों में मोड़ने का आरोप है।

एजेंसी के मुताबिक, इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए निर्धारित कुल 90 करोड़ रुपये कथित रूप से siphon off किए गए। ED का आरोप है कि कंपनी और उसके निदेशकों ने कथित अपराध आय को परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी इकाइयों तक पहुंचाकर उसकी layering और integration की, और मामले में आगे की जांच जारी है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर ईडी की कार्रवाई और लगभग 140 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों की अस्थायी कुर्की का विवरण दिया गया था। इसमें घर खरीदारों व निवेशकों से जुटाई गई रकम के कथित डायवर्जन, परियोजनाओं के अधूरा रहने और अपराध आय को अलग-अलग इकाइयों के जरिए लेयरिंग/इंटीग्रेशन करने के आरोपों की जांच का संदर्भ शामिल था। रिपोर्ट में तलाशी, बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई (गिरफ्तारी व अभियोजन) के जरिए जांच के विस्तार का भी उल्लेख किया गया था।

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