Dr. Reddy’s ने मोटापा दवा, बायोलॉजिक्स और AI पर दीर्घकालिक रणनीति पर जोर दिया
Hyderabad में Dr. Reddy’s Laboratories के सह-अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक GV Prasad का कहना है कि कंपनी generic semaglutide के इर्द-गिर्द बन रही चर्चा से आगे बढ़कर metabolic health, बायोलॉजिक्स और innovation पर अपनी अगली विकास रणनीति बना रही है. उनका कहना है कि मुनाफा कारोबारी लक्ष्य नहीं, बल्कि मरीज-केंद्रित काम का नतीजा होना चाहिए, जबकि अगले पांच वर्षों में कंपनी का मुख्य कारोबार अब भी generics से ही आता रहेगा.
हाइलाइट्स
- Dr. Reddy’s ने peptide-based weight-loss दवाओं के साथ nutrition, fitness और behavioral बदलाव को जोड़ते हुए obesity ecosystem में विस्तार करने की योजना बनाई है।
- कंपनी ने biologics क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की रणनीति अपनाई है, अगले दस वर्षों में मजबूत biologics player बनने का लक्ष्य और नए innovative assets के licensing पर फोकस किया है।
- AI का प्रयोग अभी शुरुआती परीक्षण स्तर पर है, पर company target identification, compound screening और process development में promising परिणाम देख रही है और पूर्ण डिजिटलरण को प्राथमिकता दे रही है।
मेटाबॉलिक हेल्थ और उत्पाद रणनीति
Forbes India को दिए गए एक साक्षात्कार में Prasad ने कहा कि peptide-आधारित weight-loss दवाएं एक बड़ा therapeutic segment बन रही हैं, क्योंकि मोटापे को अब एक ऐसी बीमारी के रूप में अधिक समझा जा रहा है जो diabetes, cardiovascular disease, hypertension और cancer जैसी दूसरी स्थितियों से जुड़ती है. उन्होंने कहा कि Dr. Reddy’s इस क्षेत्र में सिर्फ एक दवा कंपनी के रूप में नहीं, बल्कि एक ecosystem player के रूप में अपनी भूमिका बनाना चाहती है, जिसमें medication के साथ nutrition, protein supplementation, fitness support और behavioral change भी शामिल हों.
Prasad के मुताबिक कंपनी ने इस यात्रा की शुरुआत पहले ही कर दी थी, liraglutide से शुरू करते हुए उसे Europe में लॉन्च किया गया और अब U.S. सहित कई बाजारों में विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पाद बनाना आसान नहीं है, कंपनी chemical synthesis से recombinant methods की ओर बढ़ रही है और China के साथ partnerships की भी तलाश कर रही है ताकि material cost कम की जा सके.
उन्होंने semaglutide जैसे उत्पादों के बारे में जरूरत से ज्यादा उत्साह पैदा करने से बचने की बात कही. उनके अनुसार किसी भी दवा के फायदे और जोखिम दोनों होते हैं, और उसका उपयोग डॉक्टर की सलाह तथा मरीज की उपयुक्तता के आधार पर ही तय होना चाहिए.
बायोलॉजिक्स, AI और पूंजी आवंटन का अगला चरण
Prasad ने कहा कि India की small-molecule generics में मजबूत स्थिति के बावजूद उद्योग की अगली वृद्धि biologics, biosimilars और अंततः innovation से आती है. उन्होंने माना कि Dr. Reddy’s biologics में शुरुआती बढ़त के बाद इस अवसर पर पर्याप्त ध्यान और पूंजी नहीं दे सकी, जबकि कंपनी ने Reditux के रूप में दुनिया की पहली biosimilar antibody लॉन्च की थी. अब कंपनी इस क्षेत्र में दोबारा निर्माण कर रही है और अगले दस वर्षों में biologics में एक मजबूत खिलाड़ी बनने का लक्ष्य रखती है.उनके मुताबिक अगले पांच वर्षों में कंपनी का प्रमुख कारोबार generics ही रहता है, लेकिन पांच से दस वर्षों में innovation को अधिक अर्थपूर्ण हिस्सा बनना चाहिए. इसी दिशा में कंपनी licensing के जरिए innovative assets ला रही है, novel products के commercialization की क्षमता विकसित कर रही है और Aurigene Oncology के माध्यम से oncology drug discovery पर काम कर रही है.
Prasad ने कहा कि pure generics markets, खासकर U.S. और Europe, commodity markets की तरह काम करते हैं, जहां नई प्रतिस्पर्धा अक्सर कीमतें घटाकर market share लेती है. ऐसे माहौल में value-led model का मतलब service, delivery system या नए उत्पाद के जरिये differentiation बनाना है, ताकि अधिक स्थिर और टिकाऊ revenue तैयार किया जा सके.
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी AI के उपयोग में अभी testing phase में है, लेकिन target identification, virtual compound screening, process development और formulation recommendation जैसे क्षेत्रों में उत्साहजनक नतीजे दिख रहे हैं. उनके अनुसार Dr. Reddy’s की प्राथमिकता पहले सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह digital बनाना है, क्योंकि human intervention बने रहने पर AI का पूरा लाभ नहीं मिलता; यह काम पूरा होने के बाद कंपनी व्यापक स्तर पर AI को अपने संचालन में जोड़ सकती है.
हमारी पिछली रिपोर्ट में Eli Lilly (LLY) के शेयर की साप्ताहिक चाल और निकट अवधि के दायरे ($878–$960) का आकलन किया गया था, जहां तकनीकी संकेतक मिश्रित रहे और $960 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट को अहम माना गया। उसी लेख में कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों, नई मौखिक GLP-1 वजन घटाने वाली दवा Foundayo की FDA मंजूरी और रणनीतिक साझेदारियों को भावना सुधारने वाले प्रमुख कारक बताया गया था।
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