अश्विनी वैष्णव से डिजिटल प्रशासन और रेलवे सुधार
अश्विनी वैष्णव भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री हैं और डिजिटल नीति व राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी मानकों को आकार देने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। उनका पोर्टफ़ोलियो डेटा प्रोटेक्शन, सेमीकंडक्टर नीति, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई गवर्नेंस तक फैला हुआ है। उनके नेतृत्व में भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाएं शुरू कीं, जिनके तहत ₹76,000 करोड़ ($9.1 बिलियन) से अधिक के निवेश को 32 कंपनियों से स्वीकृति मिली।
वैष्णव इंडिया स्टैक फ्रेमवर्क के विस्तार की देखरेख करते हैं, जिसमें आधार, DigiLocker, UPI और ONDC शामिल हैं। ये सिस्टम हर महीने 13 अरब से अधिक लेनदेन प्रोसेस करते हैं और फिनटेक व ब्लॉकचेन इनोवेशन के लिए जरूरी इंटरऑपरेबिलिटी प्रदान करते हैं।
हालांकि वैष्णव ने सीधे तौर पर क्रिप्टोकरेंसी पर मार्गदर्शन जारी नहीं किया है, लेकिन देश की आईटी नीति संरचना को परिभाषित करने में उनकी भूमिका उन्हें ब्लॉकचेन रेगुलेशन और डीसेंट्रलाइज़्ड फ़ाइनेंस मानकों के केंद्र में रखती है। उनकी मंत्रालय ऑनलाइन गेमिंग नियमों को अंतिम रूप दे रही है, जिनमें वॉलेट सुरक्षा और ट्रांज़ैक्शन ट्रेसिंग शामिल हैं — ऐसे फ्रेमवर्क जिनसे भविष्य के क्रिप्टो अनुपालन मानकों को दिशा मिलने की उम्मीद है।
वैष्णव की देखरेख में भारत का सॉवरेन एआई स्टैक विकसित हो रहा है, जिसका ध्यान सुरक्षा, भाषा की सुलभता और GPU इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। ये पहल सीधे तौर पर AI-सक्षम Web3 प्लेटफॉर्म्स के विस्तार को समर्थन देती हैं। 1 बिलियन से अधिक डिजिटल आईडीज़ और 300 मिलियन से अधिक UPI यूज़र्स के साथ, उनकी डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पहलें भारत में डिजिटल एसेट विस्तार की नींव रखती हैं।