भाविश अग्रवाल से स्टार्टअप दृष्टिकोण और तकनीकी नवाचार
भाविश अग्रवाल ओला और ओला इलेक्ट्रिक के सह-संस्थापक हैं, जिन्होंने भारत के राइड-हेलिंग और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योगों को आकार दिया है। ओला इलेक्ट्रिक की 2024 में हुई आईपीओ लिस्टिंग ने कंपनी का मूल्यांकन लगभग 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा दिया, वहीं उनकी एआई स्टार्टअप कृतिम ने उसी वर्ष 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के मूल्यांकन के साथ यूनिकॉर्न दर्जा हासिल किया।
अग्रवाल ने सार्वजनिक रूप से क्रिप्टोकरेंसी या ब्लॉकचेन वेंचर्स में भाग नहीं लिया है, बल्कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीकरणीय मोबिलिटी समाधानों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। एआई मॉडल डेवलपमेंट और हार्डवेयर डिप्लॉयमेंट में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक निवेश की उनकी घोषणा घरेलू उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग क्षमता के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विकास अप्रत्यक्ष रूप से क्रिप्टो बाजारों के लिए प्रासंगिक है, क्योंकि एआई और ब्लॉकचेन दोनों में कंप्यूट पावर, डेटा सत्यापन और विकेंद्रीकृत स्टोरेज की मांग समान होती है।
अग्रवाल की उल्लेखनीय पूंजी जुटाने और डीप-टेक वेंचर्स को स्केल करने की क्षमता सुनिश्चित करती है कि डेटा और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर पर उनके फैसले संभावित ब्लॉकचेन अपनाने के साथ जुड़े रहेंगे, भले ही उनका प्रत्यक्ष जुड़ाव टोकन या एक्सचेंजों से न हो।