बैजयंत जय पांडा से राजनीति और नीति विचार
बैजयंत “जय” पांडा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चार बार सांसद रह चुके हैं। 2023 में, उन्होंने भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान आयोजित नमस्ते Web3 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहाँ उन्होंने क्रिप्टो नियमन और डिजिटल एसेट फ्रेमवर्क पर एक सत्र का संचालन किया। पांडा ने वर्चुअल डिजिटल एसेट नीति पर अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक दृष्टिकोण का समर्थन किया और भारत को Web3 शासन के बुनियादी सिद्धांत तय करने में अग्रणी बनने की क्षमता वाला देश बताया।
इससे पहले, वे उन शुरुआती भारतीय विधायकों में से थे जिन्होंने वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में डिजिटल डेटा के स्वामित्व और सहमति के सवाल उठाए थे, विशेषकर निगरानी और गैर-सहमति वाले मुद्रीकरण से जुड़े जोखिमों पर। उनके विचार Forbes India, The Hindu और Business Standard जैसे प्रकाशनों में प्रकाशित हुए हैं, जहाँ उन्होंने बार-बार एक “संतुलित (well-calibrated)” दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया है—ऐसा दृष्टिकोण जो अति-नियमन से बचे लेकिन वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
G20 नीति कार्यों में उनकी भागीदारी ने वैश्विक मसौदों में VDA नियमन और स्टेबलकॉइन मॉनिटरिंग को शामिल करने में योगदान दिया है। उच्च-स्तरीय ब्लॉकचेन पैनलों में उनकी उपस्थिति और डिजिटल संप्रभुता पर विधायी इतिहास ने उन्हें उन नीति-निर्माताओं के बीच प्रभावशाली बना दिया है जो भारत में क्रिप्टो फ्रेमवर्क तैयार कर रहे हैं।