ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Senapathy Gopalakrishnan ने ''Knowridge Science Report'' के हवाले से एक अध्ययन की ओर ध्यान पश्चिम किया है जो बताता है कि खून के दबाव की लोकप्रिय दवाएं स्मृति कार्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं, विशेष रूप से बुजुर्ग लोगों में।
अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि कुछ खून के दबाव की दवाएं मस्तिष्क सम्बंधी कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। यह जानकारी वृद्ध जनसंख्या के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है। Health एक्सपर्ट विशेष जानकारी पर कार्य कर रहे हैं।
इन निष्कर्षों की प्रासंगिकता उस व्यापक चर्चा से जुड़ती है जिसमें मानव मस्तिष्क और सिलिकॉन की साझेदारी पर हमारी पूर्व कवरेज शामिल रही है, जिसे विस्तार से "मानव मस्तिष्क और सिलिकॉन का मेल" में प्रस्तुत किया गया था। साथ ही, देश में स्वास्थ्य और तकनीकी नवाचारों के संभावित प्रभावों पर हमारी गहरी पड़ताल "भारत में बायोटेक के लिए आई चुनौतियां" शीर्षक आलेख में भी देखने को मिलती है।