आरबीआई की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 9 जून को शुद्ध तरलता अवशोषण दिखा

आरबीआई की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 9 जून को शुद्ध तरलता अवशोषण दिखा
मनी मार्केट में तरलता अवशोषण

भारतीय मुद्रा बाजार में 9 जून 2026 को ओवरनाइट खंड का कुल कारोबार 7,27,304.60 करोड़ रुपये रहा, जहां भारित औसत दर 5.18 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी दिन आरबीआई की तरलता समायोजन सुविधाओं में बड़ी SDF तैनाती के कारण प्रणाली में दिन के परिचालनों से 1,80,221.00 करोड़ रुपये का शुद्ध तरलता अवशोषण दिखा।

हाइलाइट्स

  • 9 जून 2026 को कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो का ओवरनाइट वॉल्यूम कुल 7,27,304.60 करोड़ रुपये और औसत दर 5.18 प्रतिशत रही।
  • आरबीआई ने MSF के तहत 125.00 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर उपलब्ध कराए, जबकि SDF के तहत 1,80,346.00 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर अवशोषित किए, जिससे शुद्ध तरलता -1,80,221.00 करोड़ रुपये रही।
  • 15 मई 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 2,65,955.00 करोड़ रुपये रहा, जो अल्पकालिक तरलता अवशोषण के बावजूद प्रणाली में संरचनात्मक समर्थन दिखाता है।

9 जून के बाजार परिचालन और दरें

According to a press release from RBI (2026-2027/421), the total overnight segment volume for call money, triparty repo, market repo, and corporate bond repo combined was ₹7,27,304.60 crore. The weighted average rate in this segment was 5.18 percent, with a range of 3.00 percent to 5.50 percent.

कॉल मनी खंड में 18,485.71 करोड़ रुपये का कारोबार 5.27 प्रतिशत की भारित औसत दर पर हुआ। ट्राइपार्टी रेपो में 5,19,605.55 करोड़ रुपये, मार्केट रेपो में 1,83,099.84 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो 6,113.50 करोड़ रुपये रहा, जहां संबंधित औसत दरें 5.18 प्रतिशत, 5.18 प्रतिशत और 5.30 प्रतिशत रहीं।

टर्म सेगमेंट में नोटिस मनी 122.00 करोड़ रुपये पर 5.04 प्रतिशत की औसत दर दर्ज की गई, जबकि टर्म मनी 705.50 करोड़ रुपये के दायरे में 5.50 प्रतिशत से 6.60 प्रतिशत के बीच रही। ट्राइपार्टी रेपो 2,902.60 करोड़ रुपये पर 5.08 प्रतिशत और मार्केट रेपो 711.17 करोड़ रुपये पर 5.55 प्रतिशत रहा।

तरलता स्थिति और बैंकिंग तंत्र पर संकेत

आरबीआई के दैनिक परिचालनों में 9 जून 2026 को एक दिन की MSF के तहत 125.00 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर उपलब्ध कराए गए, जबकि SDF के तहत 1,80,346.00 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर अवशोषित किए गए। इससे दिन के परिचालनों से शुद्ध तरलता 1,80,221.00 करोड़ रुपये नकारात्मक रही, यानी प्रणाली से धन निकला।

बकाया परिचालनों में 8 जून 2026 की चार दिन की परिवर्ती दर रेपो सुविधा के तहत 23,680.00 करोड़ रुपये 5.26 प्रतिशत पर दर्ज रहे। आरबीआई से स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी का उपयोग 9,328.97 करोड़ रुपये रहा, जिससे बकाया परिचालनों से शुद्ध तरलता इंजेक्शन 33,008.97 करोड़ रुपये बना, लेकिन दिन के परिचालनों को शामिल करने पर कुल शुद्ध तरलता -1,47,212.03 करोड़ रुपये रही।

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आरबीआई के पास 9 जून 2026 तक नकद शेषराशि 7,72,800.55 करोड़ रुपये रही, जबकि 15 जून 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,90,713.00 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट में 15 मई 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 2,65,955.00 करोड़ रुपये भी दिखाया गया, जो यह संकेत देता है कि अल्पकालिक अवशोषण के बावजूद प्रणाली में संरचनात्मक तरलता समर्थन बना हुआ है।

बैंकों की जून में लाभांश रिकॉर्ड तिथियां और प्रति शेयर भुगतान स्तर पर हमारी पिछली रिपोर्ट में Indian Bank, HDFC Bank, Canara Bank, PNB और IndusInd Bank के अंतिम लाभांश के लिए तय रिकॉर्ड डेट्स का विवरण दिया गया था। उस लेख में बताया गया था कि रिकॉर्ड तिथियों के आसपास बैंकिंग शेयरों में ट्रेडिंग गतिविधि बढ़ सकती है और ये घोषणाएं बैंकों की पूंजी स्थिति, मुनाफे के वितरण और शेयरधारक प्रतिफल रणनीति का संकेत देती हैं।

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