आरबीआई ने विदेशी मुद्रा कारोबार के साप्ताहिक आंकड़े जारी किए
भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार में 25 मई 2026 से 29 मई 2026 के बीच मर्चेंट और इंटर-बैंक लेनदेन का नया साप्ताहिक ब्योरा सामने आया है। यह डेटा स्पॉट, फॉरवर्ड, स्वैप और फॉरवर्ड कैंसलेशन सौदों में खरीद और बिक्री गतिविधि का दैनिक रुझान दिखाता है।
हाइलाइट्स
- 25 से 29 मई 2026 के लिए आरबीआई ने मर्चेंट स्पॉट खरीद $8,825 मिलियन और बिक्री $9,303 मिलियन दर्ज की।
- इंटर-बैंक स्पॉट कारोबार 29 मई को खरीद $27,631 मिलियन और बिक्री $24,040 मिलियन तक पहुंचा, मर्चेंट खंड की तुलना में आकार काफी बड़ा रहा।
- आंकड़ों के अनुसार, बैंकिंग तंत्र के भीतर तरलता प्रबंधन और हेजिंग गतिविधियों ने विदेशी मुद्रा प्रवाह में प्रमुख भूमिका निभाई।
25 से 29 मई के कारोबार का ब्योरा
Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने 25 मई 2026 से 29 मई 2026 की अवधि के लिए विदेशी मुद्रा में दैनिक मर्चेंट और इंटर-बैंक लेनदेन के आंकड़े जारी किए हैं। सभी आंकड़े U.S. डॉलर मिलियन में दिए गए हैं और इन्हें प्रावधिक डेटा के रूप में जारी किया गया है।मर्चेंट खंड में 25 मई को FCY/INR स्पॉट खरीद 3,166 और बिक्री 2,308 रही, जबकि 26 मई को यह क्रमशः 7,768 और 9,851 रही। 27 मई को स्पॉट खरीद 5,890 और बिक्री 5,445 दर्ज हुई, वहीं 29 मई को खरीद 8,825 और बिक्री 9,303 रही।
इंटर-बैंक खंड में 25 मई को FCY/INR स्पॉट खरीद 17,038 और बिक्री 15,555 रही। 26 मई को यह खरीद 30,646 और बिक्री 28,092 तक पहुंची, 27 मई को 16,558 और 15,836 दर्ज हुई, जबकि 29 मई को खरीद 27,631 और बिक्री 24,040 रही।
बाजार गतिविधि और संकेत
जारी आंकड़े दिखाते हैं कि सप्ताह के दौरान इंटर-बैंक खंड का आकार मर्चेंट खंड की तुलना में काफी बड़ा बना रहा, खासकर स्पॉट और फॉरवर्ड सौदों में। इससे संकेत मिलता है कि बैंकिंग तंत्र के भीतर तरलता प्रबंधन और हेजिंग गतिविधि विदेशी मुद्रा बाजार के कुल प्रवाह में प्रमुख भूमिका निभा रही है।मर्चेंट और इंटर-बैंक दोनों वर्गों में फॉरवर्ड, स्वैप और फॉरवर्ड कैंसलेशन सौदों की मौजूदगी यह बताती है कि प्रतिभागी केवल तत्काल विनिमय जरूरतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भविष्य की विनिमय दर जोखिम को भी सक्रिय रूप से प्रबंधित कर रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/483 पर डिप्टी जनरल मैनेजर, कम्युनिकेशंस, अजीत प्रसाद का नाम दिया गया है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में USD/INR के ₹94 के आसपास ट्रेड करने, तकनीकी संकेतकों के आधार पर अल्प- व मध्यम अवधि में बिकवाली दबाव और ₹93.78–₹94.73 की संभावित रेंज पर चर्चा की गई थी। उस विश्लेषण में यह भी बताया गया था कि रुपये को सहारा देने के लिए नीति स्तर पर अनिवासी भारतीयों के डॉलर जमा और बांड प्रवाह को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि डॉलर की नई मांग और वैश्विक अनिश्चितता से दबाव बना रह सकता है।
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