RBI के जरिए राज्यों की ₹16,900 करोड़ प्रतिभूति नीलामी 23 जून को
कई राज्य सरकारें 23 जून 2026 को राज्य विकास ऋणों की नीलामी के जरिए कुल ₹16,900 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही हैं। इस पेशकश में पुनर्निर्गम और नई प्रतिभूतियां दोनों शामिल हैं, जबकि कुछ निर्गमों में अतिरिक्त उधारी के लिए ग्रीन्सहो विकल्प भी रखा गया है।
हाइलाइट्स
- RBI 23 जून 2026 को E-Kuber प्लेटफॉर्म पर बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात सहित राज्यों की कुल ₹16,900 करोड़ प्रतिभूतियों की नीलामी आयोजित करेगा।
- दिल्ली और गुजरात क्रमशः 10-15 वर्ष व 9-13 वर्ष की प्रतिभूतियों के अतिरिक्त उधारी और ग्रीन्सहो विकल्प के साथ कुल ₹800 करोड़ बोली आमंत्रित कर रहे हैं।
- प्रतिभूतियां SLR तथा ready forward अधिसूचनाओं के तहत बैंकिंग निवेश के लिए पात्र रहेंगी, ब्याज दरें नीलामी या पुनर्निर्गम तिथि के आधार पर मिलेंगी।
नीलामी का आकार और समय-सारिणी
RBI की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश इस नीलामी में प्रतिभूतियां बेचने की पेशकश कर रहे हैं। नीलामी 23 जून 2026, मंगलवार को RBI के Core Banking Solution, E-Kuber, पर आयोजित होगी और इसके नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे।कुल ₹16,900 करोड़ के इस निर्गम में कई राज्यों ने अलग-अलग अवधियों की प्रतिभूतियां पेश की हैं। बिहार, छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के कुछ निर्गम पहले जारी प्रतिभूतियों के पुनर्निर्गम के रूप में हैं, जबकि दिल्ली, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ कागजात प्रतिफल आधारित नीलामी के जरिए पेश किए जा रहे हैं।
दिल्ली ने 10 वर्ष और 15 वर्ष की प्रतिभूतियों के साथ क्रमशः ₹200 करोड़ और ₹100 करोड़ का अतिरिक्त उधारी विकल्प रखा है। गुजरात ने 9 वर्ष और 13 वर्ष की प्रतिभूतियों पर ₹500 करोड़-₹500 करोड़ के ग्रीन्सहो विकल्प के साथ बोली आमंत्रित की है।
निवेशकों के लिए भागीदारी और बाजार प्रभाव
प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी, दोनों तरह की बोलियां 23 जून 2026 को इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जमा की जानी हैं। प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक है, जबकि गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक स्वीकार की जाएंगी।अधिसूचित राशि के 10 प्रतिशत तक का आवंटन पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को गैर-प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा योजना के तहत किया जाएगा, हालांकि एकल बोली के लिए सीमा संबंधित प्रतिभूति की अधिसूचित राशि के 1 प्रतिशत तक है। खुदरा निवेशक RBI Retail Direct पोर्टल के माध्यम से भी बोली लगा सकते हैं।
सफल बोलीदाताओं को भुगतान 24 जून 2026, बुधवार को बैंकिंग समय के दौरान मुंबई और RBI के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों में करना है। नई राज्य सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज दर नीलामी में तय होगी, जबकि पुनर्निर्गम प्रतिभूतियों पर मूल निर्गम तिथि पर निर्धारित दर के अनुसार अर्धवार्षिक ब्याज मिलता रहेगा।
ये प्रतिभूतियां Government Securities Act, 2006 और Government Securities Regulations, 2007 के प्रावधानों के अधीन रहेंगी। बैंकों के लिए ये निवेश वैधानिक तरलता अनुपात, SLR, के तहत पात्र सरकारी प्रतिभूति निवेश माने जाएंगे और ready forward सुविधा के लिए भी योग्य रहेंगे।
हमारी पहले की रिपोर्ट में U.S.-ईरान समझौते की संभावना के बाद तेल और उर्वरक कीमतों में नरमी से भारत पर व्यापक आर्थिक दबाव घटने और नीति-स्तर पर लचीलेपन की चर्चा की गई थी। इसमें यह भी बताया गया था कि डॉलर प्रवाह आसान करने के RBI के कदम प्रवासी भारतीयों व विदेशी निवेशकों की धारणा को सहारा दे सकते हैं, जबकि मानसून, रोजगार और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे जोखिमों के बीच कृषि व नीति तैयारियों पर नजर बनी हुई है।
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