महाराष्ट्र के Hutatma Sahakari Bank पर RBI ने नियामकीय उल्लंघन में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

महाराष्ट्र के Hutatma Sahakari Bank पर RBI ने नियामकीय उल्लंघन में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
RBI ने बैंक पर जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के वलवा स्थित Hutatma Sahakari Bank Ltd. पर निदेशकों के रिश्तेदारों को ऋण देने संबंधी नियमों के उल्लंघन पर 5 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई 19 जून 2026 के आदेश के तहत की गई, जबकि निरीक्षण बैंक की 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में किया गया था.

हाइलाइट्स

  • Hutatma Sahakari Bank पर RBI ने ऋण संबंधी नियामकीय उल्लंघन में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
  • RBI जांच में पाया गया कि बैंक ने एक निदेशक के रिश्तेदार को नियम विरुद्ध ऋण स्वीकृत किया था।
  • यह कार्रवाई सहकारी बैंकों के लिए संबंधित पक्षों को ऋण देने के नियामकीय अनुपालन की महत्ता को रेखांकित करती है।

निरीक्षण निष्कर्ष और नियामकीय कार्रवाई

RBI की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह दंड बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 47A(1)(c) तथा धारा 46(4)(i) और 56 के तहत दिए गए अधिकारों का उपयोग करते हुए लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने पर्यवेक्षी निष्कर्षों और संबंधित पत्राचार के आधार पर बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और पूछा था कि उसके खिलाफ जुर्माना क्यों न लगाया जाए.

RBI ने बैंक के जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद पाया कि बैंक ने अपने एक निदेशक के रिश्तेदार को ऋण स्वीकृत किया था। केंद्रीय बैंक के अनुसार, यही आरोप कायम रहा और उसी के आधार पर मौद्रिक दंड उचित ठहरा.

सहकारी बैंकिंग क्षेत्र पर असर

RBI ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में कमियों के आधार पर की गई है और इसका उद्देश्य बैंक तथा उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी लेनदेन या समझौते की वैधता पर निर्णय देना नहीं है। साथ ही, यह जुर्माना RBI द्वारा आगे की किसी अन्य संभावित कार्रवाई के अधिकार को प्रभावित नहीं करता.

यह मामला सहकारी बैंकों के लिए संबंधित पक्षों को ऋण देने के नियमों के पालन की अहमियत को रेखांकित करता है। ऐसे मामलों में नियामकीय जांच, बोर्ड शासन और हितों के टकराव से जुड़े नियंत्रण बैंकिंग क्षेत्र के जोखिम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण बने रहते हैं.

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