Ashutosh Sureka

RBI ने मॉडल जोखिम प्रबंधन पर मसौदा नियामकीय दिशानिर्देश जारी किए

RBI ने मॉडल जोखिम प्रबंधन पर मसौदा नियामकीय दिशानिर्देश जारी किए
RBI का नया मॉडल मसौदा

भारत में विनियमित वित्तीय संस्थानों में AI और अन्य विश्लेषणात्मक मॉडलों के बढ़ते उपयोग के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने मॉडल जोखिम प्रबंधन के लिए मसौदा दिशानिर्देश सार्वजनिक टिप्पणियों हेतु जारी किए हैं। यह मसौदा बैंकों से लेकर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों और क्रेडिट सूचना कंपनियों तक व्यापक दायरे की संस्थाओं पर लागू होता है।

हाइलाइट्स

  • RBI ने 24 जुलाई, 2026 तक 'Guidance on Regulatory Principles for Model Risk Management' मसौदा पर टिप्पणियाँ मांगी, सभी प्रमुख विनियमित वित्तीय संस्थाओं पर लागू होगा।
  • मसौदा दिशानिर्देश तृतीय-पक्ष, AI तथा मशीन लर्निंग मॉडल समेत सभी प्रकार के मॉडलों पर नियामकीय दायरा और जोखिम प्रबंधन अपेक्षाएँ स्पष्ट करता है।
  • RBI ने AI आधारित मॉडलों के बढ़ते उपयोग पर नियंत्रण और गवर्नेंस की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए समग्र नियामकीय ढांचा प्रस्तुत किया।

परामर्श प्रक्रिया और नियामकीय दायरा

RBI के प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने ‘Guidance on Regulatory Principles for Model Risk Management’ नामक मसौदा दस्तावेज पर 24 जुलाई, 2026 तक टिप्पणियां मांगी हैं। प्रतिक्रिया विनियमित संस्थाओं, आम जनता और अन्य हितधारकों से आमंत्रित की गई है, और इसे RBI की वेबसाइट के ‘Connect 2 Regulate’ खंड के माध्यम से या ई-मेल तथा डाक से भेजा जा सकता है।

यह मसौदा वाणिज्यिक बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, पेमेंट्स बैंकों, लोकल एरिया बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, ग्रामीण सहकारी बैंकों, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों और क्रेडिट सूचना कंपनियों पर लागू होता है। दिशानिर्देश का दायरा उन सभी मॉडलों तक फैला है जिनका उपयोग ये संस्थाएं करती हैं, जिनमें तृतीय-पक्ष मॉडल और AI या मशीन लर्निंग आधारित मॉडल भी शामिल हैं।

AI उपयोग बढ़ने के बीच जोखिम नियंत्रण पर जोर

केंद्रीय बैंक ने कहा है कि संस्थाओं में विभिन्न कारोबारी और निर्णय-निर्माण प्रक्रियाओं में मॉडलों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। RBI के मुताबिक, इन मॉडलों की गवर्नेंस, निगरानी, जोखिम प्रबंधन और नियंत्रण में कमजोरी वित्तीय, परिचालन, अनुपालन और प्रतिष्ठात्मक जोखिम पैदा कर सकती है।

RBI ने इससे पहले 5 अगस्त, 2024 को ऋण क्षेत्र में मॉडल जोखिम प्रबंधन पर मसौदा नियामकीय सिद्धांत जारी किए थे। इसके बाद 13 अगस्त, 2025 को जिम्मेदार और नैतिक AI सक्षमकरण के ढांचे पर समिति, FREE-AI, की रिपोर्ट आई थी, और नया मसौदा पूरे मॉडल जीवनचक्र में व्यापक नियामकीय अपेक्षाएं तय करने की दिशा में अधिक समग्र ढांचा प्रस्तुत करता है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में BrainSightAI की AI-संचालित ब्रेन मैपिंग तकनीक पर चर्चा की गई थी, जो मानक MRI स्कैन को सर्जरी-उपयोगी 3D ब्रेन नेटवर्क मैप में बदलकर न्यूरोसर्जरी में निर्णय और नेविगेशन को अधिक सटीक बनाने में मदद करती है। हमने यह भी बताया था कि CDSCO लाइसेंस मिलने के बाद कंपनी की अस्पतालों में तैनाती तेज हुई और वह आगे विस्तार व नियामकीय मंजूरियों की दिशा में काम कर रही है।

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