RBI ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
भारतीय रिजर्व बैंक ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक लिमिटेड पर नियामकीय अनुपालन में कमियों के लिए 3 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई 19 जून 2026 के आदेश के तहत की गई, जिसमें क्रेडिट सूचना कंपनियों की सदस्यता, KYC और अनक्लेम्ड रकम के समय पर हस्तांतरण से जुड़ी खामियां शामिल हैं।
हाइलाइट्स
- RBI ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक पर 3 लाख रुपये का जुर्माना नियामकीय दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण लगाया।
- NABARD द्वारा 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के निरीक्षण के आधार पर बैंक को क्रेडिट सूचना जमा, जोखिम समीक्षा व अनक्लेम्ड रकम ट्रांसफर में विफल पाया गया।
- RBI ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन कमियों के लिए है और इससे सहकारी बैंकिंग सेक्टर में प्रवर्तन सख्त होगा।
निरीक्षण के बाद नियामकीय कार्रवाई
RBI की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 26A को धारा 56 के साथ पढ़े जाने तथा सहकारी बैंकों के लिए क्रेडिट सूचना कंपनियों की सदस्यता और KYC पर जारी कुछ निर्देशों के उल्लंघन के कारण लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने यह कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम की धारा 47A(1)(c), धारा 46(4)(i), धारा 56 तथा क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनीज (रेगुलेशन) अधिनियम, 2005 की धारा 25 को धारा 23 के साथ पढ़े जाने के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए की है।
बैंक का वैधानिक निरीक्षण National Bank for Agriculture and Rural Development, NABARD ने 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में किया था। पर्यवेक्षी निष्कर्षों और संबंधित पत्राचार के आधार पर बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसमें पूछा गया कि संबंधित प्रावधानों और निर्देशों के अनुपालन में विफलता पर उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए। RBI ने बैंक के जवाब, अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपों को सही पाया।
अनुपालन कमियों और क्षेत्रीय असर
RBI के अनुसार, बैंक सभी चार क्रेडिट सूचना कंपनियों को अपने उधारकर्ताओं की क्रेडिट जानकारी जमा करने में विफल रहा। इसके अलावा, खातों की जोखिम श्रेणी की आवधिक समीक्षा के लिए प्रणाली स्थापित नहीं की गई, संदिग्ध लेनदेन की प्रभावी पहचान और रिपोर्टिंग के लिए मजबूत सॉफ्टवेयर नहीं लगाया गया, और कुछ खातों की पात्र अनक्लेम्ड रकम निर्धारित समयसीमा में Depositor Education and Awareness Fund में स्थानांतरित नहीं की गई।केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई वैधानिक और नियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और ग्राहकों के साथ बैंक द्वारा किए गए किसी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई राय नहीं देती। RBI ने यह भी कहा कि यह मौद्रिक जुर्माना भविष्य में बैंक के खिलाफ की जा सकने वाली किसी अन्य कार्रवाई के अधिकार को प्रभावित नहीं करता, जिससे सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में अनुपालन मानकों के कड़े प्रवर्तन का संकेत मिलता है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में Tesla की Full सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) प्रणाली से जुड़ी नियामकीय प्रगति और जांच पर चर्चा की गई थी, जिसमें नीदरलैंड्स में नियामक स्वीकृति के साथ-साथ अमेरिका में सुरक्षा दावों की बढ़ती पड़ताल का उल्लेख था। लेख में यह भी बताया गया था कि ऐसे नियामकीय घटनाक्रम और अनुपालन जोखिम कंपनी की भावना व स्टॉक के तकनीकी संकेतकों पर कैसे असर डालते हैं।
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