RBI के 23 जून मुद्रा बाज़ार परिचालन में शुद्ध तरलता प्रवाह सकारात्मक
23 जून 2026 के मुद्रा बाज़ार परिचालन में ओवरनाइट खंड का कुल वॉल्यूम 6,97,960.72 करोड़ रुपये दर्ज होता है और भारित औसत दर 5.26 प्रतिशत रहती है। उसी दिन RBI की तरलता समायोजन सुविधाओं, SDF और MSF के साथ शुद्ध दैनिक तरलता इंजेक्शन 4,069 करोड़ रुपये पर आता है, जबकि कुल शुद्ध इंजेक्शन 14,823.89 करोड़ रुपये दर्ज होता है।
हाइलाइट्स
- 23 जून के ओवरनाइट सेगमेंट में ट्राइपार्टी रेपो 4,87,749.60 करोड़ रुपये, कॉल मनी 20,969.93 करोड़ रुपये और मार्केट रेपो 1,82,451.39 करोड़ रुपये रहा।
- केंद्रीय बैंक के परिवर्तनीय दर रेपो परिचालन में 1,41,171 करोड़ रुपये 5.26 प्रतिशत पर आवंटित हुए, कुल शुद्ध तरलता इंजेक्शन 14,823.89 करोड़ रुपये रहा।
- अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का RBI में नकद शेष 7,85,161.16 करोड़ रुपये पर रहा, जबकि औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 8,01,069 करोड़ रुपये रही।
23 जून के परिचालन और दरें
Reserve Bank of India की Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/524 के अनुसार, कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो सहित ओवरनाइट खंड में सबसे बड़ा हिस्सा ट्राइपार्टी रेपो का 4,87,749.60 करोड़ रुपये रहता है। कॉल मनी का वॉल्यूम 20,969.93 करोड़ रुपये और मार्केट रेपो का वॉल्यूम 1,82,451.39 करोड़ रुपये दर्ज होता है, जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो 6,789.80 करोड़ रुपये पर आता है।ओवरनाइट खंड में कॉल मनी की भारित औसत दर 5.38 प्रतिशत, ट्राइपार्टी रेपो 5.24 प्रतिशत, मार्केट रेपो 5.28 प्रतिशत और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो 5.43 प्रतिशत रहती है। टर्म खंड में नोटिस मनी 82.50 करोड़ रुपये और ट्राइपार्टी रेपो 3,305 करोड़ रुपये दर्ज होते हैं, जबकि टर्म मनी 765 करोड़ रुपये पर रहती है और इसके लिए 5.65 प्रतिशत से 6.20 प्रतिशत की दर सीमा दिखाई गई है।
तरलता स्थिति और बैंकिंग संकेतक
केंद्रीय बैंक के उसी दिन के परिवर्तनीय दर रेपो परिचालन में 7 दिन की परिपक्वता के लिए 1,41,171 करोड़ रुपये 5.26 प्रतिशत पर आवंटित होते हैं। MSF के तहत 1,048 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर और SDF के तहत 1,38,150 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर दर्ज होते हैं, जिससे दिन के परिचालनों से शुद्ध तरलता इंजेक्शन 4,069 करोड़ रुपये निकलता है।RBI से स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत 10,754.89 करोड़ रुपये का उपयोग दर्ज होता है, और बकाया परिचालनों सहित कुल शुद्ध तरलता इंजेक्शन 14,823.89 करोड़ रुपये पर पहुंचता है। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की 23 जून 2026 तक RBI के पास नकद शेष 7,85,161.16 करोड़ रुपये रहता है, जबकि 30 जून 2026 को समाप्त होने वाले पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 8,01,069 करोड़ रुपये है।
भारत सरकार की नीलामी हेतु गणना की गई अधिशेष नकद शेषराशि 23 जून 2026 को 1,41,171 करोड़ रुपये दर्ज होती है। 31 मई 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 4,86,400 करोड़ रुपये पर दिखता है, जो बैंकिंग तंत्र में समग्र तरलता स्थिति के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बना रहता है.
हमारी पहले की रिपोर्ट में भारत के आठ प्रमुख आधारभूत (कोर) उद्योगों की मई में वृद्धि घटकर 0.5% रहने और पांच क्षेत्रों—कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद तथा उर्वरक—में संकुचन के कारण औद्योगिक गति पर बने दबाव को रेखांकित किया गया था। साथ ही, बिजली, सीमेंट और इस्पात में मजबूत बढ़त से मिले आंशिक सहारे का उल्लेख करते हुए यह संकेत दिया गया था कि ऊर्जा व पेट्रो-आधारित खंडों की कमजोरी समग्र आर्थिक परिदृश्य के लिए अहम बनी हुई है।
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