RBI के साप्ताहिक आँकड़ों में विदेशी मुद्रा भंडार घटा, बैंक ऋण वृद्धि मजबूत रही
भारत के वित्तीय तंत्र की ताजा साप्ताहिक तस्वीर में विदेशी मुद्रा भंडार, बैंकिंग कारोबार और तरलता परिचालन के मिश्रित रुझान सामने आते हैं। 19 जून 2026 तक कुल विदेशी मुद्रा भंडार 42,457 करोड़ रुपये घटकर 63,46,007 करोड़ रुपये रहा, जबकि 15 जून 2026 तक बैंक ऋण और जमाओं के वार्षिक आंकड़े वृद्धि दिखाते हैं।
हाइलाइट्स
- 19 जून 2026 तक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार $672.587 अरब रहा, जिसमें साप्ताहिक आधार पर $963 मिलियन की वृद्धि और रुपये में गिरावट दर्ज की गई।
- 15 जून 2026 को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का कुल बैंक ऋण 2,15,47,116 करोड़ रुपये रहा, जिसमें वर्ष-दर-वर्ष 32,33,153 करोड़ रुपये की तेज वृद्धि दर्ज हुई।
- RBI ने 15-21 जून 2026 के दौरान दैनिक शुद्ध तरलता अवशोषण 1,43,642-1,61,636 करोड़ रुपये किया, जिससे बैंकिंग प्रणाली में अधिशेष तरलता का लगातार सोखना दिखा।
साप्ताहिक सांख्यिकीय परिशिष्ट के मुख्य संकेतक
भारतीय रिजर्व बैंक के साप्ताहिक सांख्यिकीय परिशिष्ट के अनुसार, 19 जून 2026 तक कुल विदेशी मुद्रा भंडार 672.587 अरब डॉलर के समतुल्य रहा, जिसमें साप्ताहिक आधार पर 963 मिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि रुपये के आधार पर 42,457 करोड़ रुपये की कमी दिखाई गई। विदेशी मुद्रा आस्तियां 70,702 करोड़ रुपये घटीं, जबकि स्वर्ण भंडार 30,818 करोड़ रुपये बढ़ा। एसडीआर और IMF में रिजर्व पोजीशन में भी मामूली कमी दर्ज की गई।RBI की देनदारियों और आस्तियों के खंड में राज्य सरकारों को ऋण और अग्रिम 12 जून 2026 के 18,770 करोड़ रुपये से घटकर 19 जून 2026 को 9,211 करोड़ रुपये रहा। आंकड़ों में यह भी कहा गया है कि सभी डेटा अनंतिम हैं और अंतर, यदि कोई हो, तो राउंडिंग के कारण है।
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के भारत में कारोबार के अनुसार, 15 जून 2026 तक कुल जमाएं 2,58,41,605 करोड़ रुपये रहीं। यह पखवाड़े में 1,60,500 करोड़ रुपये घटीं, लेकिन वर्ष-दर-वर्ष 27,71,771 करोड़ रुपये की वृद्धि पर रहीं। इसी अवधि में बैंक ऋण 2,15,47,116 करोड़ रुपये रहा, जिसमें पखवाड़े में 31,175 करोड़ रुपये और वर्ष-दर-वर्ष 32,33,153 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज हुई। गैर-खाद्य ऋण 2,14,13,222 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जो ऋण विस्तार का मुख्य हिस्सा बना रहा।
तरलता, मुद्रा आपूर्ति और बैंकिंग क्षेत्र पर असर
मुद्रा आपूर्ति के व्यापक मानक M3 का बकाया 15 जून 2026 तक 3,12,20,737 करोड़ रुपये रहा, जो पखवाड़े में 1,41,312 करोड़ रुपये घटा, लेकिन वर्ष-दर-वर्ष 11.9 प्रतिशत बढ़ा। जनता के पास मुद्रा 42,29,342 करोड़ रुपये रही और समय जमाओं का बकाया 2,35,15,220 करोड़ रुपये दर्ज हुआ, जिससे यह संकेत मिलता है कि बैंकिंग प्रणाली में संसाधन आधार मजबूत बना हुआ है।स्रोत पक्ष में सरकार को शुद्ध बैंक ऋण 93,42,692 करोड़ रुपये और वाणिज्यिक क्षेत्र को बैंक ऋण 2,23,93,423 करोड़ रुपये रहा। इससे संकेत मिलता है कि बैंकिंग तंत्र में सरकारी और निजी, दोनों तरफ ऋण प्रवाह जारी है, हालांकि अलग-अलग अवधियों में वृद्धि की रफ्तार बदल रही है।
RBI के तरलता परिचालन 15 जून से 21 जून 2026 के बीच लगातार शुद्ध अवशोषण दिखाते हैं। 15 जून को 1,61,636 करोड़ रुपये का शुद्ध अवशोषण दर्ज हुआ, जबकि 21 जून को यह 1,43,642 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी का उपयोग ऊंचे स्तर पर बना रहा, जो यह दर्शाता है कि बैंकिंग प्रणाली में अधिशेष तरलता को RBI नियमित रूप से सोख रहा है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में EUR/INR जोड़ी की चाल और उन कारकों पर चर्चा की गई थी जो रुपये की निकट अवधि की धारणा को प्रभावित करते हैं, जिसमें RBI द्वारा ऑनशोर-ऑफशोर फॉरेक्स नियमों में बदलाव और नेट ओपन पोजिशन गणना में ढील शामिल है। लेख में यह भी बताया गया था कि तरलता की अपेक्षाओं, कच्चे तेल की कीमतों और संभावित RBI हस्तक्षेप के बीच EUR/INR सीमित दायरे में बना रह सकता है, जबकि तकनीकी संकेतक ओवरबॉट स्थितियों के कारण सतर्कता का संकेत देते हैं।
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