भारत का सरकारी प्रतिभूति बायबैक नीलामी स्वीकृति ₹7,388.194 करोड़ पर

भारत का सरकारी प्रतिभूति बायबैक नीलामी स्वीकृति ₹7,388.194 करोड़ पर
सरकारी बायबैक में गिरावट

भारतीय रिजर्व बैंक की सरकारी प्रतिभूति बायबैक नीलामी में घोषित ₹30,000 करोड़ के मुकाबले निवेशकों की पेशकश काफी कम रहती है और स्वीकृत राशि ₹7,388.194 करोड़ पर ठहरती है। यह परिणाम 2026 और 2027 में परिपक्व होने वाली चार प्रतिभूतियों को कवर करता है, जिनमें 5.74% GS 2026 और 8.15% GS 2026 सबसे बड़े स्वीकृत हिस्से में शामिल हैं।

हाइलाइट्स

  • सरकारी प्रतिभूति बायबैक नीलामी में ₹30,000 करोड़ के घोषित आकार के मुकाबले ₹7,388.194 करोड़ की ही स्वीकृति मिलती है।
  • सबसे अधिक स्वीकृति 8.15% GS 2026 (₹2,925.252 करोड़) एवं 5.74% GS 2026 (₹2,923.504 करोड़) में मिलती है, जबकि कट-ऑफ मूल्य क्रमशः ₹101.06 और ₹100.11 रहता है।
  • बायबैक परिचालन से 2026-2027 में परिपक्व होने वाली प्रतिभूतियों के परिपक्वता प्रोफाइल में संतुलन और सरकारी देनदारियों के प्रबंधन में सहूलियत आ सकती है।

बायबैक नीलामी के परिणाम और प्रतिभूतियां

Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/559 के अनुसार, बायबैक नीलामी में कुल ₹7,694.224 करोड़ के फेस वैल्यू के प्रस्ताव प्राप्त होते हैं, जिनमें से ₹7,388.194 करोड़ स्वीकार किए जाते हैं। घोषित कुल राशि ₹30,000 करोड़ रहती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि प्रतिभागियों की पेशकश अधिसूचित आकार से काफी नीचे रहती है।

अलग-अलग प्रतिभूतियों में 7.33% GS 2026 के लिए 11 प्रस्ताव मिलते हैं और ₹351.500 करोड़ स्वीकार किए जाते हैं। 5.74% GS 2026 के लिए 19 प्रस्तावों में से ₹2,923.504 करोड़ स्वीकार होते हैं, जबकि 8.15% GS 2026 में 14 प्रस्तावों के विरुद्ध पूरी ₹2,925.252 करोड़ राशि स्वीकार की जाती है। 8.24% GS 2027 के लिए 13 प्रस्ताव मिलते हैं और ₹1,187.938 करोड़ स्वीकार होते हैं।

कट-ऑफ मूल्य 7.33% GS 2026 के लिए ₹100.62, 5.74% GS 2026 के लिए ₹100.11, 8.15% GS 2026 के लिए ₹101.06 और 8.24% GS 2027 के लिए ₹101.61 रहता है। भारित औसत मूल्य क्रमशः ₹100.59, ₹100.08, ₹101.02 और ₹101.57 दर्ज होता है।

ऋण प्रबंधन और बाजार पर असर

यह बायबैक परिचालन सरकार के ऋण प्रबंधन ढांचे का हिस्सा रहता है, जिसके तहत निकट अवधि में परिपक्व होने वाली प्रतिभूतियों की देनदारियों को व्यवस्थित करने की कोशिश की जाती है। 2026 और 2027 में परिपक्व होने वाले कागजों पर केंद्रित यह कार्रवाई परिपक्वता प्रोफाइल को संतुलित करने और बाजार में देयताओं के प्रबंधन में सहूलियत दे सकती है।

घोषित आकार की तुलना में कम पेशकश यह भी दिखाती है कि धारक इन प्रतिभूतियों को निर्धारित मूल्यों पर सीमित मात्रा में वापस बेचते हैं। बैंकिंग और सरकारी बॉन्ड बाजार के लिए यह परिणाम इस बात का संकेत देता है कि बायबैक विंडो उपलब्ध रहने के बावजूद निवेशकों की भागीदारी चयनात्मक रहती है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में Morgan Stanley के शेयर में आई तेजी के साथ कंपनी की पूंजी रिटर्न रणनीति पर ध्यान दिया गया था, जिसमें तिमाही डिविडेंड 15% बढ़ाकर $1.15 प्रति शेयर करना और Q3 2026 से $20 बिलियन तक के शेयर बायबैक को मंजूरी देना शामिल था। उस लेख में बताया गया था कि CCAR 2026 के बाद नियामकीय स्थिति स्थिर रहने से कंपनी को ये कदम उठाने में लचीलापन मिलता है, जबकि तकनीकी संकेतकों में मजबूत ट्रेंड के बावजूद शॉर्ट-टर्म समेकन/ओवरबॉट जोखिम भी दिखा।

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