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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
भारत के आर्थिक विकास में 'स्ट्रक्चरल ट्रांसफॉर्मेशन' की कमी का मुद्दा अर्थशास्त्री Arvind Subramanian ने उठाया है। उनके अनुसार, बीते चार दशकों में तेज आर्थिक वृद्धि के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र सीमित रहा और औपचारिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर अपेक्षाकृत कम बने रहे। उन्होंने अपनी पुस्तक 'A SIXTH OF HUMANITY' में इस रहस्य के विश्लेषण और संभावित कारणों को प्रस्तुत किया है, जिसमें भारत के विकास मॉडल की जटिलताओं और रोजगार के स्थिर फॉर्मल स्रोतों की कमी को विस्तार से समझाया गया है। इससे आर्थिक नीति और भविष्य की दिशा पर नई बहसें तेज हो सकती हैं।
Subramanian has previously examined manufacturing growth trends in other major economies. In a separate analysis, he discussed China's rising presence in low-skill manufactured exports. That coverage focused on the impact of such export gains on competing countries.