RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज़ IV के समयपूर्व मोचन का भाव 14 जुलाई के लिए 14,307 रुपये तय किया

RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज़ IV के समयपूर्व मोचन का भाव 14 जुलाई के लिए 14,307 रुपये तय किया
गोल्ड बॉन्ड मोचन भाव तय

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज़ IV के निवेशकों के लिए समयपूर्व मोचन की अगली नियत तिथि 14 जुलाई 2026 है। इस किश्त का मोचन मूल्य 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी दिनों के औसत बंद भाव के आधार पर 14,307 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है।

हाइलाइट्स

  • RBI ने SGB 2020-21 सीरीज़ IV के समयपूर्व मोचन के लिए 14 जुलाई 2026 को 14,307 रुपये प्रति यूनिट का मूल्य तय किया।
  • मोचन मूल्य IBJA द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के 9, 10 और 13 जुलाई 2026 के बंद भाव के साधारण औसत पर आधारित है।
  • यह निर्णय पांच वर्षीय अनिवार्य होल्डिंग के बाद जल्दी निकासी चाहने वाले निवेशकों के नकदी प्रवाह और निवेश रणनीति को स्पष्टता देता है।

समयपूर्व मोचन की शर्तें और मूल्य निर्धारण

जैसा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, भारत सरकार की 13 अप्रैल 2020 की अधिसूचना के तहत सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में निर्गम की तारीख से पांचवें वर्ष के बाद, ब्याज भुगतान की तिथि पर समयपूर्व मोचन की अनुमति दी जा सकती है। इसी व्यवस्था के तहत SGB 2020-21 सीरीज़ IV, जिसकी निर्गम तिथि 14 जुलाई 2020 है, के लिए अगली समयपूर्व मोचन तिथि 14 जुलाई 2026 निर्धारित है。

केंद्रीय बैंक ने कहा कि मोचन मूल्य India Bullion and Jewellers Association Ltd, IBJA द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के बंद भाव के साधारण औसत पर आधारित होता है। 14 जुलाई 2026 को देय समयपूर्व मोचन के लिए यह मूल्य 9 जुलाई, 10 जुलाई और 13 जुलाई 2026 के बंद भाव के औसत से 14,307 रुपये प्रति यूनिट निकाला गया है।

निवेशकों और बाजार के लिए महत्व

यह घोषणा उन निवेशकों के लिए अहम है जो पांच वर्ष की अनिवार्य होल्डिंग अवधि पूरी होने के बाद बॉन्ड को परिपक्वता से पहले भुनाने का विकल्प देख रहे हैं। तय मोचन भाव निवेशकों को यह स्पष्ट संकेत देता है कि इस किश्त से बाहर निकलने पर उन्हें प्रति यूनिट कितना भुगतान मिलेगा।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में मोचन मूल्य का सीधा संबंध घरेलू सोना कीमतों से रहता है, इसलिए IBJA के प्रकाशित भाव इस प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। 2020-21 सीरीज़ IV के लिए घोषित यह भाव निवेशकों के नकदी प्रवाह और सोना-आधारित निवेश रणनीति के आकलन में उपयोगी रहेगा।

हमारी पिछली रिपोर्ट में आरबीआई द्वारा 1 से 5 जून 2026 के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में मर्चेंट और इंटर-बैंक लेनदेन के दैनिक आंकड़े जारी किए जाने पर फोकस किया गया था। इसमें FCY/INR स्पॉट, फॉरवर्ड और स्वैप सौदों के वॉल्यूम के रुझान दिखाए गए और यह संकेत दिया गया कि इंटर-बैंक स्वैप/स्पॉट गतिविधि बैंकों के तरलता प्रबंधन व हेजिंग का प्रमुख हिस्सा बनी रहती है।

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