Ashutosh Sureka

भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार गतिविधि पर आरबीआई ने जून 2026 के शुरुआती सप्ताह का दैनिक लेनदेन डेटा जारी किया

भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार गतिविधि पर आरबीआई ने जून 2026 के शुरुआती सप्ताह का दैनिक लेनदेन डेटा जारी किया
जून 2026 फॉरेक्स डेटा

भारत के विदेशी मुद्रा बाजार में जून 2026 के पहले कारोबारी सप्ताह के लिए मर्चेंट और इंटर-बैंक सौदों का दैनिक ब्योरा सामने आता है। यह डेटा 1 जून से 5 जून 2026 की अवधि को कवर करता है और खरीद तथा बिक्री, दोनों में FCY/INR और FCY/FCY खंडों की गतिविधि दिखाता है।

हाइलाइट्स

  • 1 जून 2026 से 5 जून 2026 के बीच मर्चेंट FCY/INR स्पॉट खरीद $8,862 मिलियन से घटकर $5,888 मिलियन रही, फॉरवर्ड खरीद $1,716 से बढ़कर $3,311 मिलियन तक पहुंची।
  • इंटर-बैंक FCY/INR स्पॉट खरीद $22,262 मिलियन से $27,463 मिलियन और स्वैप खरीद $32,198 मिलियन से $38,683 मिलियन के दायरे में रही।
  • डेटा से स्पष्ट है कि इंटर-बैंक सेगमेंट में स्वैप, स्पॉट लेनदेन जैसे बड़े ट्रांजैक्शन बैंकों के तरलता प्रबंधन और हेजिंग गतिविधि को दर्शाते हैं।

जून के पहले सप्ताह के सौदों का दैनिक ब्योरा

भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर Reserve Bank of India के सांख्यिकी प्रकाशन के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने 1 जून 2026 से 5 जून 2026 तक के विदेशी मुद्रा बाजार में दैनिक मर्चेंट और इंटर-बैंक लेनदेन के आंकड़े जारी किए हैं। सभी आंकड़े U.S. डॉलर मिलियन में हैं और इनमें स्पॉट, फॉरवर्ड, स्वैप तथा फॉरवर्ड रद्दीकरण से जुड़े खरीद और बिक्री सौदे शामिल हैं।

मर्चेंट खंड में FCY/INR खरीद का स्पॉट वॉल्यूम 1 जून को 8,862 मिलियन U.S. डॉलर से शुरू होकर 5 जून को 5,888 मिलियन U.S. डॉलर पर रहा, जबकि फॉरवर्ड खरीद 1,716 मिलियन U.S. डॉलर से बढ़कर 3,311 मिलियन U.S. डॉलर तक पहुंची। इसी अवधि में मर्चेंट FCY/INR बिक्री का स्पॉट वॉल्यूम 8,381 मिलियन U.S. डॉलर से 6,680 मिलियन U.S. डॉलर के बीच रहा, जबकि 5 जून को फॉरवर्ड बिक्री 6,089 मिलियन U.S. डॉलर दर्ज होती है।

इंटर-बैंक खंड में FCY/INR स्पॉट खरीद 22,262 मिलियन U.S. डॉलर से 27,463 मिलियन U.S. डॉलर के दायरे में रही, जबकि स्वैप खरीद 32,198 मिलियन U.S. डॉलर से 38,683 मिलियन U.S. डॉलर के बीच दर्ज हुई। इसी तरह इंटर-बैंक FCY/INR बिक्री में स्वैप सौदे 30,671 मिलियन U.S. डॉलर से 40,772 मिलियन U.S. डॉलर के दायरे में रहे, जो बाजार में बैंक-से-बैंक तरलता प्रबंधन की ऊंची सक्रियता दिखाते हैं।

बाजार तरलता और डीलिंग पैटर्न पर संकेत

जारी आंकड़े बताते हैं कि सप्ताह भर में इंटर-बैंक बाजार का आकार मर्चेंट बाजार की तुलना में काफी बड़ा बना रहता है, खासकर FCY/INR स्वैप और स्पॉट लेनदेन में। इससे संकेत मिलता है कि बैंकों के बीच हेजिंग, फंडिंग और अल्पकालिक तरलता प्रबंधन विदेशी मुद्रा बाजार की कुल गतिविधि का प्रमुख हिस्सा बने हुए हैं।

मर्चेंट खंड में फॉरवर्ड और फॉरवर्ड रद्दीकरण के उतार-चढ़ाव से यह भी दिखता है कि कॉरपोरेट और ग्राहक-आधारित हेजिंग मांग सप्ताह के दौरान बदलती रहती है। आरबीआई ने इन आंकड़ों को अनंतिम डेटा के रूप में जारी किया है, इसलिए बाद में इनमें संशोधन संभव है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में मुंबई में Kalanee Impex Private Limited के परिसरों पर FEMA के तहत हुई प्रवर्तन कार्रवाई और उससे जुड़े विदेशी लेनदेन अनुपालन के मुद्दों पर बताया गया था। लेख में निर्यात प्राप्तियों के समय पर न आने, कथित अघोषित विदेशी कंपनियों/बैंक खातों और कुछ सौदों में third-party remittances की वैधता की जांच जैसे पहलुओं को रेखांकित किया गया था।

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